राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। अधिवक्ता परिषद उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद इकाई द्वारा सोमवार को बाररूम में स्वाध्याय का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता राजवीर त्यागी ने सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 2 और 3 के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि अधिवक्ता द्वारा अपने मुकदमों में किसी कारणवश उपस्थित न होने की स्थिति में उनके स्थान पर किसी अन्य अधिवक्ता को प्रॉक्सी काउंसिल के रूप में न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने का कानूनी अधिकार है। कार्यक्रम में पूर्व बार अध्यक्ष दर्शनानंद गॉड द्वारा स्वाध्याय मंडल व न्याय केंद्र लेकर अधिवक्ता परिषद के उद्देश्य के बारे में उपस्थित अधिवक्ताओं को जानकारी दी। इस अवसर पर उपस्थित अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के कार्यकारिणी सदस्य विपिन त्यागी द्वारा बताया गया कि अधिवक्ता परिषद ऐसे अधिवक्ताओं का समूह है जो राष्ट्र विरोधी और समाज को बांटने वाली विचारधारा के विरुद्ध एक स्वस्थ व समृद्ध समाज की वकालत करता है। अंत में इकाई के संरक्षक वरिष्ठ अधिवक्ता के पी सिंह द्वारा उपस्थित अधिवक्ताओं को ज्यादा से ज्यादा स्वाध्याय मंडल में आकर प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित किया गया। इस बार के मंडल का संचालन नितिन शर्मा ने किया। कार्यक्रम में इकाई के अध्यक्ष आशा रानी, महामंत्री अरविंद सिसोदिया, उपाध्यक्ष वरुण त्यागी, न्याय प्रभाव प्रमुख अरुण कुमार, स्वाध्याय मंडल प्रमुख सुमित अरोड़ा, पूर्व बार सचिव नरेश चौधरी, राजकुमार चौधरी, प्रवीण, संजीव त्यागी आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।


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