राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। ’महिलाएं डरें नहीं, अगर कोई उनकी अस्मिता को कुरेदे तो उसका खुलकर जवाब अवश्य दें।’ वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशन्स की ओर से मेवाड़ ऑडिटोरियम में आयोजित महिला सशक्तीकरण समारोह में शामिल हुई विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित महिला वक्ताओं ने बतौर अतिथि यह बात कही। सभी वक्ताओं ने अपने सारगर्भित वक्तव्य दिए। समारोह में पांच प्रतिभाशाली महिलाओं को इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार गदिया ने शाल, स्मृति व बुकें देकर सम्मानित किया।
सम्मानित होने वाली महिलाओं में सीपीडीएचई, यूजीसी-एचआरडीसी दिल्ली विश्वविद्यालय की निदेशक प्रोफेसर गीता सिंह, राज्यसभा नई दिल्ली की उपनिदेशक विजयलक्ष्मी शर्मा, ओम शांति रिट्रीट सेंटर गुरुगांव की समन्वयक बीके विधात्री, कवयित्री कृष्णा दामिनी और अरिहंत एजुकेशनल चेरिटेबल ट्रस्ट की संस्थापक सदस्य डॉ. अलका अग्रवाल शामिल रहीं। सभी सम्मानित महिलाओं ने ‘समाज को बदलने का सशक्त माध्यम है नारी’ विषय पर अपने-अपने वक्तव्य में कहा कि महिलाएं कानून का सहारा लें। अगर महिलाओं की शक्ति पर प्रहार हो तो डटकर मुकाबला करें। आने वाला युग महिलाओं का युग है। उन्होंने कहा कि बेटियों की बजाय अभिभावक बेटों को नसीहत दें। कहें कि किसी बहन, बहू या बेटी को छेड़ने के बजाय उनकी रक्षा करें। अगर ऐसा माहौल बनाया गया तो देश में बेटियों की अस्मिता बचाना आसान होगा। एक नए युग की शुरुआत होगी।
मेवाड़ ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशन्स के चेयरमैन डॉ अशोक कुमार गदिया ने महिलाओं को स्वावलम्बी बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि लड़कियों को शिक्षा के साथ एक वोकेशनल कोर्स जरूर सिखाएं। उन्हें हुनरमंद बनाएं। महिला को देखने की दृष्टिकोण में बदलाव आना जरूरी है। उन्होंने कहा कि महिलाएं रोना बंद कर अपनी ताकत को पहचानें। उठें, शक्तिशाली व स्वावलम्बी बनकर अपना ही नहीं देश के सोच का रुख भी बदल दें।
इससे पूर्व मेवाड़ की निदेशक डा. अलका अग्रवाल ने स्वागत भाषण में कहा कि धारा के विपरीत बहकर भी आस-पास का माहौल परखें और देश को अपनी सोच से एक नई दिशा दें। देश के विकास में महिलाओं की भागीदारी के बिना कुछ भी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अबला नहीं हैं। पुरुष उन्हें कमजोर न समझें। महिला हर क्षेत्र में आज अपने आपको साबित करने में लगी है। उसके हौसले व जज्बे को पुरुष सलाम करना सीखें। समारोह में विद्यार्थियों ने महिला दिवस पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। मंच का संचालन आकांक्षा अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर मेवाड़ इंस्टीट्यूशन्स का समस्त स्टाफ भी मौजूद रहा।


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