धीरज कुमार
नई दिल्ली। नागरिकता संसोधन कानून को लेकर समाज में फैलाई जा रही भ्रांतियों और इसके सभी पहलुओं की सही और विस्तृत जानकारी देने के लिए सीमा जागरण मंच दिल्ली के संपर्क विभाग द्वारा कांस्ट्यूशन क्लब में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वकील, पत्रकार, जेएनयू समेत कई कॉलेज के प्रोफेसरों, रिसर्च स्कॉलर और सेना के रिटायर्ड अफसरों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मिथुन ने कानून के संवैधानिक पक्ष की जानकारी देते हुए अपने विचार रखे। संविधान की विभिन्न धाराओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने इस कानून की प्रासंगिकता बताई। कार्यक्रम के अध्यक्ष पूर्व विधि मंत्री और वर्तमान सांसद प्रेम प्रकाश चौधरी ने इस कानून को लेकर झूठ फैलाने वाले लोगों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कांग्रेस को देश को तोड़ने की राजनीति करने वाली पार्टी बताते हुए, इस कानून में प्रावधान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की प्रशंसा की। साथ ही इस कानून पर सरकार के एक इंच भी पीछे न हटने के गृह मंत्री के संकल्प को सबके सामने रखा।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय ने अपने ओजस्वी भाषण से सभी का दिल जीत लिया। उन्होंने पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार के बारे में बताते हुए इस कानून के इतिहास और वर्तमान परिपेक्ष में इसकी आवश्यक्ता क्यों पड़ी, इस पर विस्तृत जानकारी दी।
बुद्धा कॉलेज, गोरखपुर के प्रोफेसर कौस्तुभ नारायण मिश्र ने अपने अनुभव साझा करते हुए देश के सभी लोगों से इस कानून के पक्ष में खड़े होने के लिए आवाहन किया। कार्यक्रम का संचालन लोकसभा में रिसर्च फेलो सिद्धार्थ दवे और धन्यवाद प्रस्ताव दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफ़ेसर नरेंद्र विश्नोई ने किया।


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