राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आईआरएस अधिकारी दीपक पंडित के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है। जीएसटी एवं केंद्रीय उत्पाद विभाग के इस सहायक आयुक्त के पास वर्ष 2000-14 के बीच 3.96 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जो उनकी आय से 376 गुना अधिक है। सीबीआई ने इस मामले में पांडेय की पत्नी और दो बेटों को भी आरोपित बनाया है।
उल्लेखनीय है कि सीबीआई के अधिकारियों ने गुरुवार को दीपक पंडित और उनके परिवार के मुंबई स्थित छह और भुवनेश्वर स्थित एक ठिकाने पर छापा मारा था। यह छापेमारी देर शाम तक चलती रही । पंडित, प्रसिद्ध फिल्मी हस्ती अशोक पंडित के निकट संबंधी हैं। वर्ष 2018 में अशोक पंडित ने दीपक को अपना ‘छोटा भाई’ बताया था । लेकिन सीबीआई की ओर से दायर प्राथमिकी में कहा गया है कि दीपक पंडित ने अपने पद का दुरुपयोग किया और संपत्ति अर्जित करने के लिए भ्रष्टाचार में लिप्त रहे ।
सीबीआई ने दीपक पंडित, उनकी पत्नी आरुषि एवं उनके दो बेटों आशुतोष एवं दिव्यांश के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पंडित 1985 में मुंबई में सीमा शुल्क विभाग में बतौर लिपिक करियर की शुरूआत की थी। बाद में 2014 में पदोन्नत होकर सहायक आयुक्त बन गए और वर्तमान में आईआरएस अधिकारी पंडित भुवनेश्वर में तैनात हैं । इनके भ्रष्टाचार में लिप्त होने का पता तब चला जब वित्त मंत्रालय से जुड़े सूत्रों से पता चला कि पंडित ने अपने दो बेटों की शादी में अंधाधुंध पैसा खर्च किया और मुंबई के पॉश इलाकों में महंगी बेहिसाब पॉपर्टी बनाई है।
दीपक पंडित पर अपने पद के पावर का गलत इस्तेमाल करने का भी आरोप है। उन्होंने पद और पावर का गलत इस्तेमाल कर पैसा कमाया है। उनके खिलाफ की गई शुरुआती जांच में पता चला है कि पंडित ने मुंबई के महंगे रिहायशी इलाके जैसे अंधेरी (वेस्ट), कांदिवली (ईस्ट) में उनके और उनके बच्चों दिव्यांश दीपक पंडित, आशुतोष डी पंडित के नाम पर कई महंगी प्रॉपर्टी है। इसके अलावा उनके नाम पर कई संदेहात्मक ट्रांजेक्शन भी मिली हैं।


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