राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
नई दिल्ली। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा दिल्ली के इण्डिया गेट पर आयोजित दिव्य कला मेले में दो दिवसीय दिव्यांग जनों के लिए जॉब कनेक्ट का आयोजन किया गया। इस मेले में राजधानी के अलावा अन्य प्रदेशों से आए 200 दिव्यांगजनों ने रोजगार के लिए दर्जन भर कंपनियों में सीधे इंटरव्यू दिया।
मंगलवार को एनएचएफडीसी द्वारा आइडिया के सहयोग से आयोजित रोजगार मेले में मौजूद कंपनियों ने विभिन्न पदों के लिए दिव्यांगजनों का साक्षात्कार लिया। एनएचएफडीसी के महाप्रबंधक अनिल कुमार ने बताया कि दो दिवसीय जॉब कनेक्ट मेले में 200 से अधिक दिव्यांगजनों ने रोजगार के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। साथ ही एक दर्जन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने साक्षात्कार दिव्यांग जनों का साक्षात्कार किया। वहीं आइडिया के प्लेसमेंट मैनेजर विनीत भागोजी ने बताया कि दिव्यांगजनों को रोजगार देने के लिए जॉब कनेक्ट में टाटा पावर, क्वेस कोर्प, आइडिया, ग्लोबल टेलेंट ट्रैक, पी वेल्यु एनालिटिक्स, यूथ फॉर जॉब सहित 20 से अधिक कंपनियों ने दिव्यांगजनों का योग्यतानुसार साक्षात्कार लिया।
माता-पिता की मदद करना चाहती हैं:
जॉब कनेक्ट मेले में आई तीस वर्षीय रूबी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक किया है। इनके घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। इनके पिता कामेश्वर रावत एक राज मिस्त्री हैं। इनका काम कभी लगता है कभी नहीं लगता, इसलिए घर के ख़र्च में दिक्कत है। रूबी जिनकी शादी नहीं हो सकी है वह कुछ जाब करके अपने माता-पिता की मदद करना चाहतीं हैं।
फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हैं :
महताब आलम, संगम विहार दिल्ली में रहते हैं और दिव्यांग होने के बाद भी इंजीनियरिंग में स्नातक कर रहे हैं। ये यहां जाब के लिए आए और कई कंपनियों को इंटरव्यू दिया। इन्हें कम्प्यूटर का बेसिक ज्ञान होने के साथ ही ये फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हैं। इनके पिता रुस्तम अली सिलाई का काम करते हैं। ये भी रोज़गार करके अपने घर की आर्थिक स्थिति में मदद करना चाहते हैं। ऐसे ही और भी कई दिव्यांगजनों ने रोजगार मेले में प्रतिभाग किया।


Leave a Reply