ब्रसीलिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को यहां रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की और उनकी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। नरेन्द्र मोदी 11वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए ब्राजील में हैं। वे यहां आतंकवाद विरोधी सहयोग के लिए तंत्र बनाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे और दुनिया की पांच प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि लगातार बैठकों ने हमारे संबंधों को मजबूत किया है। पूर्वी आर्थिक मंच (ईईएफ) की तर्ज पर रूस के सुदूर पूर्व व्लादिवोस्तोक शहर में व्यापक बातचीत करने के दो महीने बाद दोनों नेताओं की बैठक हो रही है, जिसके दौरान उन्होंने दोनों देशों के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
मोदी ने कहा कि 5 सितंबर को भारत और रूस की दोस्ती राजधानी शहरों में सरकारी बातचीत तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि लोगों और करीबी व्यापारिक संबंधों के बारे में थी। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को अगले साल मई में होने वाले विजय दिवस समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। मॉस्को में 9 मई को होने वाली सालाना परेड में रूस अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करता है। मई 1945 में नाजी जर्मनी पर जीत के जश्न में यह दिवस मनाया जाता है।
मोदी ने कहा कि मुझे मई में विजय दिवस समारोह में भाग मॉस्को आने के लिए आमंत्रित किया है। मैं इसका उत्सकुता से इंतजार करूंगा क्योंकि इससे पुतिन से मुलाकात का एक और अवसर मिलेगा। पुतिन ने कहा कि भारत व रूस के द्विपक्षीय कारोबार में 17 प्रतिशत ब़ढ़ोतरी हुई है। अन्य नेताओं से भी करेंगे मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी मेजबान देश ब्राजील के राष्ट्रपति जैर बोलसोनारो से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह उनसे द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को ब़ढ़ाने पर भी बातचीत करेंगे। वह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मिलेंगे। भारत ने रूस के संसाधन संपन्न सुदूर पूर्व के लिए अभूतपूर्व 1 बिलियन यूएस डॉलर लाइन क्रेडिट की घोषणा की थी, जो राष्ट्रपति पुतिन के कठोर प्रयासों का समर्थन करने के लिए अत्यंत कठोर क्षेत्र विकसित करने के लिए है। भारत और रूस ने रक्षा, वायु और समुद्री संपर्क, ऊर्जा, प्राकृतिक गैस, पेट्रोलियम और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सितंबर में 15 समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने कहा कि उन्हें यकीन है कि ब्रिक्स सम्मेलन से ब्रिक्स देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को और पुख्ता किया जा सकेगा। ब्रिक्स संगठन पांच उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं का संक्षिप्त नाम है। ब्रिक्स देशों का अर्थ है-ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका। इस साल ब्रिक्स सम्मेलन का विषय ‘अन्वेषी भविष्य के लिए आर्थिक विकास’ है।


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