जितेन्द्र बच्चन ब्यूरो चीफ, राष्ट्रीय जनमोर्चा
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तुत मानव-केंद्रित, जिम्मेदार और पारदर्शी एआई विजन का पीआईआईटी कॉलेज ग्रेटर नोएडा के चेयरमैन ने किया स्वागत
ग्रेटर नोएडा। प्रिंस इंस्टीट्यूट ऑफ इनोवेटिव टेक्नोलॉजी (PIIT) के चेयरमैन व शिक्षाविद् डॉ़. भरत सिंह ने इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत मानव-केंद्रित, जिम्मेदार और पारदर्शी एआई विजन को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि PIIT कॉलेज ग्रेटर नोएडा इस दृष्टि को धरातल पर उतारने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का “M.A.N.A.V.” की भावना पर आधारित एआई का विचार न केवल तकनीकी प्रगति, बल्कि नैतिक, समावेशी और जवाबदेह नवाचार का मार्ग प्रशस्त करता है।
डॉ भरत सिंह शुक्रवार, 20 फरवरी को ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ के ब्यूरो चीफ जितेन्द्र बच्चन से एआई पर बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा है कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश में देश की पहली एआई सिटी लखनऊ में विकसित की जा रही है, जो विश्वस्तरीय नवाचार और प्रौद्योगिकी अनुसंधान का केंद्र बनेगी। साथ ही उन्नाव में देश के पहले एआई-समर्थित बहुविषयक विश्वविद्यालय का शुभारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य भविष्य के लिए तैयार मानव संसाधन विकसित करना है।
डॉ. भरत सिंह ने शुक्रवार को ही राष्ट्र को समर्पित देश के प्रतिष्ठित संगठन ‘समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (SKFI) के सदस्यों और पदधिकारियों को भी एआई के माध्यम से संबोधित किया। डॉ सिंह एसकेएफआई के राष्ट्रीय मुख्य संरक्षक हैं। उन्होंने बताया कि ‘एआई गुरुकुल’के माध्यम से PIIT हजारों युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकी कौशल से लैस करने की योजना पर लगातार आगे बढ़ रहा है, ताकि वे वैश्विक और रोजगारपरक शिक्षा की प्रतिस्पर्धा के अनुरूप सक्षम बन सकें। साथ ही डॉ भरत सिंह ने कहा, “हम समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया के माध्यम से भी ‘मानव-केंद्रित एआई विजन’ के प्रति लोगों को जागरूक करेंगे, जिससे हमारा समाज आधुनिक और विकसित समाज बन सके।”
डॉ सिंह ने यह भी जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश में एआई आधारित समाधान एक मिलियन से अधिक कृषक परिवारों की कृषि उत्पादकता बढ़ाने में सहायक बन रहे हैं। इसके अतिरिक्त राजस्व प्रबंधन, आंतरिक सुरक्षा और स्मार्ट गवर्नेंस में तकनीक आधारित पारदर्शिता को सुदृढ़ किया जा रहा है, जिससे प्रशासन अधिक प्रभावी, उत्तरदायी और जन-केंद्रित बन रहा है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश, भारत के सुरक्षित, संप्रभु और स्केलेबल एआई भविष्य के निर्माण में मजबूत और रणनीतिक भूमिका निभाएगा। क्योंकि प्रदेश का लक्ष्य केवल तकनीकी उन्नति नहीं, बल्कि ऐसी एआई व्यवस्था विकसित करना है जो मानवता के हित में कार्य करे और समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाए।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार, 19 फरवरी, 20226 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया है। इस अवसर पर पीएम मोदी ने मानव विजन पेश करते हुए एआई को मानव केंद्रित और जिम्मेदार बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई भविष्य तय करेगी, लेकिन उसका उपयोग नैतिक, समावेशी और लोकतांत्रिक होना जरूरी है, ताकि तकनीक डर नहीं बल्कि अवसर बने। डॉ. भरत सिंह ने इसी परिप्रेक्ष्य में प्रधानमंत्री मोदी के विजन का स्वागत करते हुए ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ और एसकेएफआई के साथ अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि पीआईआईटी ग्रेटर नोएडा एआई को लेकर पूरी तरह सशक्त और सक्रिय है। छात्र-छात्राओं को एआई गुरुकुल के मंच से पीआईआईटी की पूरी टीम शिक्षित कर रही है।


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