राष्ट्रीय जनमोर्चा। संवाददाता
सोजत (राजस्थान)। साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं वैचारिक संस्थान रुचिर विद्या साहित्य समिति के तत्वावधान में स्थानीय हरिभाई किंकर मार्ग स्थित द्विवेदी निवास पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। रचनाकारों ने अपनी प्रतिनिधि रचनाएं परोस कर सुधी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वयोवृद्ध कवि उमाशंकर द्विवेदी ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि शहर के पार्षद ओमप्रकाश चौहान गुरु, समाजसेवी नरेश सोनी, एडवोकेट श्यामलाल गहलोत व संगीतकार सुधीर दवे रहे।
काव्य गोष्ठी की शुरुआत कवि नवनीत राय ‘रुचिर’ ने सरस्वती वंदना से की। उसके बाद प्रतिनिधि गीत “चांद गुम फिर इस धरा पसरा अँधेरा है…” को सभी ने खूब सराहा। राजस्थानी के वरिष्ठ साहित्यकार वीरेंद्र लखावत की व्यंग्यात्मक ग़ज़ल “जगा जगा है जाल कबूड़ा, दाणा चुगजे भाल कबूड़ा…” ने सभी का दिल जीत लिया। राष्ट्रीय शायर अब्दुल समद राही ने अपनी ग़ज़ल “सारे जहां से आपसी झगड़े मिटाऊंगा / इक इंकलाब और जमाने में लाऊंगा…” सुनाकर श्रोताओं की बेहद वाहवाही लूटी। वरिष्ठ साहित्यकार हरीश व्यास ने गजल “नाम लेकर फक्र होता, जो मरे अपने वतन पर / ढूंढने से ना मिले अब ,वो शहादत मर गई…” सुनाकर गोष्ठी को ऊंचाइयाँ प्रदान कीं।
हास्य व्यंग के युवा कवि मोहनसिंह लखावत ने अपनी प्रतिनिधि रचना “मेरी पत्नी करवा चौथ का व्रत नहीं करती” सुनाकर उपस्थित श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। वरिष्ठ शायर डॉ. रशीद गौरी ने गजल “मिट गया है सराफ़त का नाम आजकल…” प्रस्तुत कर सभी की दाद पाई। सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी विशन सिंह भाटी ने “इंसान की जिंदगी” शीर्षक से मार्मिक अभिव्यक्ति देकर सभी की तालियां बटोरीं।
वरिष्ठ कवि डॉ. रामस्वरूप भटनागर ने कविता “पतझड़ के बाद फिर बसंत आएगा…” सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। पैरोडीकार महेंद्र मेहता ने रचना “सत्य की राह पर चलता रहेगा…” और व्यंग्यकार उमाशंकर द्विवेदी ने राजनीतिक विद्रूपताओं पर अपनी कविता “जठे नेता साँप सूं ई जहरीला हुवे, उठे मतदाता आपरै करमाँ नै रोवै…” सुनाकर सभी की खूब तालियां पाईं।
काव्य गोष्ठी का संचालन कवि नवनीत राय ‘रुचिर’ ने किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ कवि उमाशंकर द्विवेदी के 83वें जन्मदिन पर सभी कवियों ने शॉल, श्रीफल व माल्यार्पण से उनका बहुमान किया। इससे पहले एडवोकेट गजेंद्र दवे ने सभी अतिथियों का शॉल, साफा व माल्यार्पण से अभिनंदन किया। अंत में सभी के प्रति आभार की रस्म बार एसोशिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र व्यास ने अदा की। कार्यक्रम में युवा समाजसेवी विकास टाक, कैलाश दवे, अर्जुन चौहान, मुकेश भाटी, गजेंद्र श्रीमाली आदि ने भी अपनी भागीदारी निभाई।

जितेन्द्र बच्चन भारत में सीनियर जर्नलिस्ट एवं राष्ट्रीय पुरस्कार ‘भारत गौरव’ से सम्मानित हैं। पत्रकारिता में इन्हें 38 वर्षों से अधिक का अनुभव है। दैनिक जागरण में चीफ रिपोर्टर, पंजाब केसरी में सहायक संपादक और हिंदुस्थान समाचार में नेशनल ब्यूरो दिल्ली में CBI BEAT पर रहने के बाद अब राष्ट्रीय जनमोर्चा के सम्पादक हैं।

Leave a Reply