राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। शम्भू दयाल (पीजी) कालेज में 70वां संविधान दिवस समरसता दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कालेज की प्राचार्य डॉ मन्जू गोयल ने किया। शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर संविधान की शपथ दिलाकर की गई।
उल्लेखनीय है कि संविधान भारत का राजधर्म है। संविधान का निर्माण 1946 में गठित संविधान सभा ने किया था। सभा ने विभिन्न विषयों पर 17 समितियां गठित की थीं। सभाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद प्रक्रिया, संचालन सहित चार समितियों के सभापति थे। इसी तरह संघीय विधान सहित तीन समितियों के सभापति पं. नेहरू थे। सरदार पटेल मौलिक अधिकार, अल्पसंख्यक आदि मामलों की समिति के सभापति थे। प्रारूप समिति के सभापति डॉ. बीआर आंबेडकर का काम विशिष्ट था। डॉ. आंबेडकर ने ही संविधान पारण का प्रस्ताव रखा था। प्रस्ताव सर्वसम्मति से स्वीकार हुआ। इस प्रकार 26 नवंबर, 1949 की तिथि भारतीय गणतंत्र के लिए ऐतिहासिक महत्व की है।
मंगलवार को शम्भू दयाल कालेज में आयोजित कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अखिलेश मिश्रा ने संविधान की महत्ता पर विचार रखे। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ जेके सरोहा ने भी संविधान पर अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि संविधान में वर्णित विषय वर्तमान परिपे्रक्ष्य में कितना उपयोगी है। उनके अलावा डॉ अनुराग शर्मा ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर डॉ गीता पांडेय, डॉ कमलेश भारद्वाज, डॉ पूनम सिंह, डॉ नीरजा सिंह, गरिमा बंसल, नमिता शर्मा, रितेश आदि उपस्थित रहे।


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