राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
हिसार। लक्ष्य हासिल करने का जज्बा और जुनून हो तो सफलता निश्चित तौर पर कदम चूमती है। मूलरूप से फतेहाबाद के गांव गोरखपुर के निवासी और वर्तमान में हिसार के सेक्टर 13 में रह रहे धर्मपाल सिवाच और सरोज बाला की सुपुत्री निधि सिवाच ने भी इसी जज्बे और जुनून से हरियाणा न्यायिक सेवा की परीक्षा में पूरे प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। सोमवार को घोषित नतीजे बताते हैं कि निधि ने जज बनकर न केवल माता-पिता को गौरवान्वित किया है बल्कि हिसार जिले का भी मान बढ़ाया है। निधि सिवाच ने वर्ष 2015-16 में आयोजित एडीए की परीक्षा में हरियाणा में पहला स्थान प्राप्त किया था। उन्होंने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई हिसार स्थित जिंदल मॉडर्न स्कूल से की है। पंजाब विश्वविद्यालय से एलएलबी और एलएलएम की पढ़ाई कर चुकी निधि वर्तमान में राजस्व विभाग चंडीगढ़ में बतौर एडीए अपनी सेवाएं दे रही हैं। निधि के पिता धर्मपाल सिवाच स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से मैनेजर पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनके चाचा ललित सिवाच चंडीगढ़ में आईएएस अधिकारी हैं और निदेशक के पद पर कार्यरत हैं।
हरियाणा न्यायिक सेवा परीक्षा में सफलता हासिल करने पर निधि सिवाच ने बताया कि एलएलबी और एलएलएम की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल जज बनने का लक्ष्य निर्धारित कर लिया था। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य बनाकर पूरी तन्मयता से अध्ययन और तैयारी की जाए तो सफलता मिलनी निश्चित होती है।


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