राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में 74वां स्वतंत्रता दिवस कोरानाकाल की वजह से पूरी एहतियात के साथ मनाया गया। मेवाड़ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार गदिया ने झंडारोहण कर देश के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने ऑनलाइन अपने सम्बोधन में कहा कि जवान, किसान और मजदूर तबके के उत्थान के बिना भारत प्रगति तो कर सकता है मगर खुशहाल नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि पिछले 74 सालों में हमने भूख पर विजय पाई। शिक्षा, स्वास्थ्य, यातायात, सूचना, प्रौद्योगिकी, तकनीकी विकास, फैशन, मनोरंजन, सड़क, वायु एवं जल मार्ग, श्रमिक विकास, प्रजातंत्र, शासन तंत्र, सुरक्षा, रोजगार आदि क्षेत्रों में आशातीत प्रगति की पर अभी इन सभी क्षेत्रों में बहुत कुछ करना बाकी है। हमारी आशातीत प्रगति, हमारी बढ़ती जनसंख्या के आगे कुछ भी दिखाई नहीं देती। इसलिए सबसे पहले हमें अपनी बढ़ती जनसंख्या पर लगाम लगाना आवश्यक है। जनसंख्या नियंत्रण कानून वक्त की पुकार है। दूसरा महत्वपूर्ण कार्य हमें कृषि को आमदनी का साधन बनाना है। इसे छोटे एवं मझोले उद्योग का दर्जा दिलवाना है। किसान को अपनी मेहनत का उचित दाम हर हाल में मिलना चाहिये।
डॉ गदिया ने कहा कि किसान खुशहाल होगा तो ग्रामीण भारत खुशहाल होगा और यदि ग्रामीण भारत खुशहाल होगा, सम्पन्न होगा तो व्यापार, व्यवसाय एवं उत्पादन स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ेगा। किसान बड़ी संख्या में आत्महत्या करता है। यह देश के लिये सबसे शर्मनाक घटना है। तीसरा महत्वपूर्ण कार्य है रोजगार सृजन का, यह तभी सम्भव है जब सभी तरह का आयात योजनाबद्ध तरीके से बन्द करके भारत की खपत की हर चीज धीरे-धीरे भारत में ही बनने लगे तो हर क्षेत्र में रोज़गार बढ़ जायेगा और हम अपनी बेरोज़गारी की समस्या पर धीरे-धीरे काबू पा लेंगे।
अंत में मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की निदेशिक डॉ. अलका अग्रवाल ने ऑनलाइन सभी मेवाड़ परिवार के सदस्यों का आभार व्यक्त किया और स्वतंत्रता दिवस पर हौसले से अपने काम को अंजाम तक पहुंचाने का संकल्प लिया।


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