30 हजार करोड़ की लागत से बन रहा जेवर एयरपोर्ट

डॉ कमलेश भारद्वाज
गौतमबुद्धनगर। नोएडा इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, जेवर तीन साल यानी दिसंबर 2023 तक बनकर तैयार हो जाएगा। यहां विश्व स्तर की सारी सुविधाएं होंगी। पहले फेज में दो रनवे होंगे लेकिन दूसरे फेज में यह चार रनवे वाला एयरपोर्ट हो जाएगा। पहले ही साल इस एयरपोर्ट से करीब 50 लाख लोग यात्रा करेंगे। एयरपोर्ट बनाने में कुल 30 हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी। करीब 1334 हेक्टेयर में विकसित हो रहे इस एयरपोर्ट के विस्तार की बहुत संभावनाएं हैं। क्षेत्र में लगभग दो लाख 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश मिलने की संभावना है।
नोएडा इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट जेवर के लोगो में राज्य पक्षी सारस का अक्स है और डिजाइन लंदन, मॉस्को व मिलाने एयरपोर्ट की तर्ज पर तैयार की गई है। गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एयरपोर्ट के नाम, लोगो व डिजाइन को मंजूरी देते हुए कहा कि यह विश्व के बेहतरीन हवाई अड्डों में से एक होगा। सरकार इसमें कोई कमी नहीं छोड़ेगी। यह एयरपोर्ट न केवल भारत का गौरव बनेगा बल्कि इसे ‘ग्लोबल ब्रांड’ के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
एयरपोर्ट की डिजाइन का प्रस्तुतीकरण देखते हुए मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर कहा कि इसका निर्माण चार चरणों में होगा। शुरुआती क्षमता 1.20 करोड़ यात्री प्रति वर्ष की होगी।  2050 तक यह क्षमता 7 करोड़ यात्री प्रति वर्ष तक कर दी जाएगी। पहले चरण में दो रनवे होंगे, जिसे बढ़ाकर पांच किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिक उड्डयन बहुआयामी प्रगति का माध्यम है। एयरपोर्ट बनने से प्रदेश का औद्योगिक विकास होगा, पर्यटन में वृद्धि होगी, विनिर्माण एवं निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और हवाई यातायात सुगम होगा।
नोएडा इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट जेवर एवं यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ अरुण वीर सिंह ने बताया कि इस एयरपोर्ट के बनने से 1.10 लाख लोगों को नियमित और कुल मिलाकर तीन लाख लोगों को किसी न किसी रूप में रोजगार मिलेगा। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया है कि दुनिया में सबसे कम समय में बनने वाला जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा। करीब 1334 हेक्टेयर में विकसित हो रहे इस एयरपोर्ट का निर्माण शत-प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के जरिए हो रहा है।
आईएएस अरुण वीर सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट का मास्टर प्लान तैयार हो रहा है, जिस पर मार्च 2021 से कार्य शुरू हो जाएगा और दिसम्बर 2023 में कॉमर्शियल ऑपरेशन के लिए यह पूरी तरह तैयार हो जाएगा। यहां से अन्तरराज्यीय और अन्तरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन होगा। यह राष्ट्रीय राजधानी में दूसरे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में काम करेगा। उन्होंने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) की कनेक्टिविटी इतनी अच्छी होगी कि एनसीआर में कहीं से भी आसानी से बहुत कम समय में यहां पहुंचा जा सकता है। एक्सप्रेस वे, दिल्ली-मुंबई हाईवे, दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन के लिए यहां से बस फेरी सेवाएँ उपलब्ध रहेंगी। सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

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