कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व बंगाल मिशन पर लग गया है। इस बीच तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राजनीतिक सलाहकार प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर कहा है कि भाजपा पश्चिम बंगाल में जो चुनावी नतीजे सोच रही है, वह संभव नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अगर भाजपा दहाई का आंकड़ा पार करती है तो मैं ट्विटर छोड़ दूंगा।
प्रशांत किशोर ने सोमवार को साफ कहा है कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी को अधिक सीटें नहीं मिलेंगी। भाजपा समर्थक कुछ मीडिया वाले इस तरह का माहौल बना रहे हैं जैसे पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने वाली है। लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है। जो लोग भी इस ट्वीट को पढ़ें, वे इसे सेव कर के रख लें।
दरअसल, गत शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो दिवसीय दौरे पर यहां आए थे। रविवार को बीरभूम जिले के बोलपुर में उन्होंने बड़ा रोड शो किया, जिसमें लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा था। उसके पहले शनिवार को सत्तारूढ़ पार्टी और अन्य पार्टियों से 11 विधायकों ने भाजपा की सदस्यता ली थी। इससे गदगद शाह ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा 200 से अधिक सीटें जीतेगी और ममता बनर्जी की सरकार को उखाड़ फेंका जाएगा।
उल्लेखनीय है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में भाजपा ने 42 में से 18 सीटों पर जीत दर्ज की है। उसके बाद से पार्टी 2021 के विधानसभा चुनाव में सत्ता पर दखल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। पूरे बंगाल में ममता बनर्जी के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी है और भाजपा के पक्ष में माहौल है। इसे समझ कर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रशांत किशोर को राजनीतिक रणनीतिकार के तौर पर नियुक्त किया है। हालांकि जब से किशोर ने बंगाल में ममता का चुनावी बेड़ा पार कराने की जिम्मेदारी ली है, उसके बाद से मुख्यमंत्री के पुराने से पुराने सहयोगी नाराज चल रहे हैं और उनका साथ छोड़कर जा रहे हैं। दावा तो यह भी किया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव से पहले राज्य विधानसभा में ममता सरकार अल्पमत में आ सकती है।


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