राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। विश्व ब्राह्मण संघ के तत्वावधान में शुक्रवार को महामना पं. मदन मोहन मालवीय और अटल बिहारी वाजपेई की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर संघ के प्रवक्ता बीके शर्मा हनुमान ने कहा कि इलाहाबाद में 25 दिसम्बर 1861 को जन्मे पंडित मदन मोहन मालवीय अपने महान कार्यों के चलते महामना कहलाए। उन्होंने अपना कैरियर इलाहाबाद में एक शिक्षक के रूप में शुरू किया। वह शिक्षाविद थे। उन्होंने 1915 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय बीएचयू की स्थापना की।
हनुमान ने कहा कि मालवीय जी ने एलएलबी करके पहले जिला अदालत और उसके बाद 1893 में इलाहाबाद हाई कोर्ट में वकालत की। 1885 से 1907 के बीच तीन समाचार- पत्रों हिंदुस्तान, इंडियन यूनियन और अभ्युदय का संपादन किया। नरम दल और गरम दल के बीच कड़ी का काम करते हुए स्वतंत्रता संग्राम के पथ प्रदर्शक बने। दक्षिणपंथी हिंदू महासभा के प्रारंभिक नेताओं में से एक मालवीय जी समाज सुधार और सफल सांसद थे।
विश्व ब्राह्मण संघ के प्रवक्ता बीके शर्मा हनुमान ने कवि, पत्रकार और देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के चित्र पर भी पुष्प अर्पित किए। उनकी जीवनी पर प्रकाश डालते हुए हनुमान ने कहा कि वाजपेई का जन्म 1924 में ग्वालियर में हुआ। वह 1939 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुडेन पहली बार 1957 में बलरामपुर से सांसद चुने गए। वाजपेई भाजपा की नींव रखने वालों में भी शामिल रहे और तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने। पोखरण परमाणु परीक्षण कर दुनिया में धाक जमाई। पांच साल देश का नेतृत्व करने वाले पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री रहे। उन्हें भारत रत्न और पदम विभूषण से नवाजा गया।
16 अगस्त 2018 को वाजपेई ने अंतिम सांस ली। विश्व ब्राह्मण संघ इन ब्राह्मण गौरव को नमन करता है, श्रद्धांजलि अर्पित करता है और इनके बताए हुए रास्ते पर चलने का संकल्प लेता है। कार्यक्रम में कौटिल्य सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सुबोध शर्मा, कुमार ब्रदर्स के चेयरमैन ललित शर्मा, प्राइवेट चिकित्सक वेलफेयर एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ डीपी नागर, वीरेंद्र कंडेरा, एनएस तोमर, सुभाष शर्मा, मिलन मंडल, छोटेलाल कनौजिया, देवाशीष ओझा, सचिन भारती, एके जैन, डॉ आरपी शर्मा, सुभाष शर्मा, नूर मोहम्मद, हरीश वर्मा, मनोज कुमार आदि उपस्थित थे।


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