मुरादनगर श्मशान घाट हादसे में मृतकों की संख्या 25 हुई, 3 आरोपित गिरफ्तार

राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
गाजियाबाद। दिल्ली से लगे उत्तर प्रदेश के जनपद गाजियाबाद में रविवार 03 जनवरी को मुरादनगर श्मशान घाट में हुए हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। जबकि 14 लोगों का इलाज चल रहा है। इनमें से कई लोगों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। इस बीच पुलिस ने मुरादनगर नगर पालिका की ईओ निहारिका सिंह, जेई चंद्रपाल, सुपरवाइजर आशीष और ठेकेदार अजय त्यागी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, भ्रष्टाचार, काम में लापरवाही सहित कई अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही सोमवार को चार आरोपितों में से तीन निहारिका सिंह, चंद्रपाल और आशीष को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हादसे पर गहरा दु:ख जताया है। उन्होंने ट्वीट कर कह है, ‘उत्तर प्रदेश के मुरादनगर में हुए दुर्भाग्यपूर्ण हादसे की खबर से अत्यंत दु:ख पहुंचा है। राज्य सरकार राहत और बचाव कार्य में तत्परता से जुटी है। इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’
उल्लेखनीय है कि रविवार की सुबह मुरादनगर के बंबा रोड संगम विहार निवासी फल विक्रेता जयराम (70) का निधन हो गया था। उनकी अंतिम यात्रा करीब 11 बजे मुरादनगर श्मशान घाट पहुंची। अंतिम संस्कार में 50 से अधिक लोग शामिल हुए थे।बारिश होने के कारण अधिकतर लोग श्मशान घाट के प्रवेश द्वार पर बने 70 फुट लंबे गलियारे में खड़े थे। दाह-संस्कार पूरा होने के बाद करीब साढ़े 11 बजे यहीं पर दो मिनट का मौन रखा गया, तभी गलियारे की छत भर-भराकर गिर गई और 25 लोग काल के गाल में समा गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा शोक जताते हुए मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। डीएम डॉ. अजय शंकर पांडेय और एसएसपी कलानिधि नैथानी मौके पर मौजूद रहे। इन्हीं दोनों के निर्देशन में राहत व बचाव कार्य शाम तक लगातार जारी रहा।
श्मशान घाट में गलियारे का जो लेंट गिरा है, वह 55 लाख की लागत से निर्मित हुआ था। अभी 15-16 दिन पहले ही बना है। उसका लोकार्पण भी नहीं हुआ था, और रविवार को अपने आप ढह गया। जाहिर सी बात है कि लेंटर में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया और इसके निर्माण से जुडे. लोग भ्रष्टाचार में लिप्त रहे हैं। उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। इस सिलसिले में जिले के डीएम डॉ. अजय शंकर पांडेय ने राष्ट्रीय जनमोर्चा को बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस मामले की जांच मंडल आयुक्त मेरठ और एडीजी मेरठ जोन जांच कर रहे हैं। जो लेंटर गिरा है, उसके टेंडर से लेकर अन्य सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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