दिल्ली व्यापार से जुड़ी समस्याओं पर कैट करेगा आवाज बुलंद

प्रजेश शंकर/राष्ट्रीय जनमोर्चा

5 मार्च से 5 अप्रैल तक कैट चलाएगा दिल्ली में व्यापारी संवाद अभियान
नई दिल्ली। दिल्ली के व्यापारियों की दिन-प्रतिदिन बढ़ती समस्याओं के कारण कारोबारियों का व्यापार करना बेहद मुश्किल हो गया है। व्यापार करने की जगह व्यापारियों का अधिकाँश समय विभिन्न सरकारी विभागों के नोटिस एवं सरकारी तुग़लकी आदेशों का पालन करने में बीत रहा है। इस ज्वलंत मुद्दे के हल कराने को लेकर कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आगामी 5 मार्च से 5 अप्रैल तक दिल्ली भर में ‘व्यापारी संवाद’ अभियान चलाने की घोषणा की है, जिसके अंतर्गत कैट के शीर्ष नेताओं की टीम दिल्ली के सभी बाज़ारों के व्यापारिक संगठनों से ‘द्वार से द्वार तक’ संपर्क कर प्रत्येक व्यापारियों की समस्या पर चर्चा करेगी। साथ ही समाधान के लिए जनमत को जागृत करेगी। इस अभियान की अगुवाई कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल करेंगे। अभियान का नेतृत्व कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल करेंगे।
कैट के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विपिन आहूजा एवं प्रदेश महामंत्री देवराज बवेजा ने बताया की बुधवार को दिल्ली के मोतीनगर स्तिथ रिट्ज बैंक्वेट हाल में दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक संगठनों के नेताओं की एक बैठक की गई। जिसमें दिल्ली व्यापार से सम्बंधित सभी ज्वलंत समस्याओं पर खुली चर्चा हुई। व्यापारियों ने कहा कि दिल्ली का व्यापार पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से अनेक समस्याओं से जूझ रहा है। अब समय आ गया है कि व्यापार से सम्बंधित समस्याओं का तार्किक हल किया जाए। उन्होंने बताया कि व्यापारी संवाद अभियान का समापन एक दिवसीय राज्य स्तरीय व्यापारी महासम्मेलन से होगा।
प्रदेश महामंत्री आशीष ग्रोवर ने बताया कि व्यापारियों की मीटिंग में जीएसटी के बेतुके और मनमाने कानूनी प्रावधान, दिल्ली किराया क़ानून के चलते व्यापारियों को उनकी दुकानों से बेदखल करना, सीलिंग और तोड़-फोड़ का स्थायी रूप से समाधान तथा जो दुकानें सील हैं, उनकी सील खुलवाना, दिल्ली के रिटेल केमिस्टों के लाइसेंस का नवीनीकरण न होना, ई-कॉमर्स के नियमों के उल्लंघन के चलते विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा दिल्ली के रिटेल व्यापार पर विपरीत असर, नगर निगम द्वारा व्यापारियों को दुकान एवं स्टोरेज लाइसेंस देने में बड़े भ्रष्टाचार का होना, दिल्ली सरकार द्वारा अभी तक 351 सड़कों को नियमित न करवा पाना जैसे मुद्दे शामिल हैं।
कैट के प्रदेश संयुक्त महामंत्री राजीव बत्रा एवं प्रदेश मंत्री मुकेश तुली ने बताया कि दिल्ली के थोक बाज़ारों को स्थानांतरित करने हेतु किसी भी पॉलिसी का अभाव जिसमें ख़ास तौर पर 10 वर्ष से ज्यादा समय गुजर जाने के बाद भी अभी तक केमिकल और पेपर बाजार को क्रमश: नरेला एवं गाजीपुर में सही तरह से स्थान्तरित न करना, दिल्ली के बाज़ारों में आवश्यक सुविधाओं खास तौर पर महिलाओं के लिए सुविधा का बड़ा अभाव, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्डस एक्ट के अधिनायकवादी नियमों से व्यापारियों और बहुत छोटे पान एवं जनरल स्टोर विक्रेताओं का उत्पीड़न, मॉनिटरिंग कमेटी का तानशाही रवैय्या, डीडीए फ्लैटों में काम कर रहे व्यापारियों पर सीलिंग की गाज जैसे मुद्दे भी व्यापारी संवाद अभियान का हिस्सा होंगे। इसके साथ ही दिल्ली में बैंक्वेट हॉल एवं फ़ार्म हॉउसों पर बेतुके नियमों का बोझ, दिल्ली ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रही दुकानों एवं सम्पत्तियों, लाल डोरा और अतिरिक्त लाल डोरा सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों का नियमन न होना आदि अन्य अनेक विषयों पर दिल्लीभर में व्यापारी संवाद अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है।

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