राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
अगरतला। पश्चिमी त्रिपुरा जिले के डीएम शैलेश कुमार यादव को एक मैरिज हॉल में जाकर रोब झाड़ना बहुत मंहगा पड़ गया। उन्होंने खुद को बार-बार डीएम बताते हुए दूल्हे और शादी में शामिल अन्य मेहमानों के साथ अभद्र व्यवहार किया। यहां तक कि शादी कराने आए पंडित को थप्पड़ जड़ दिया, इसका खामियाजा यादव को उठाना पड़ा है। सरकार ने उन्हें उनके पद से हटा दिया है।
उल्लेखनीय है कि जिलाधिकारी शैलेश यादव के दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। ये वीडियो डीएम द्वारा मैरिज हॉल में जाकर की गई कार्रवाई के दौरान के थे। 26 अप्रैल को डीएम कोरोना महामारी के इस समय में आयोजित शादी समारोह में शामिल लोगों द्वारा कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं किए जाने पर भड़क उठे थे। उन्होंने मौके पर मौजूद दुल्हा, पंडित, लड़के, लड़की के माता-पिता और पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही उन्हें पद से हटाने की मांग होने लगी। सरकार पर शैलेश यादव को पद से हटाने का दबाव बढ़ने लगा था। अब सरकार ने कार्रवाई की है।
कानून मंत्री रतन लाल नाथ के अनुसार इस मामले में डीएम ने गलती मान ली है। शैलेश कुमार यादव को सस्पेंड किया गया है। रावल हेमेन्द्र कुमार को जिले का नया डीएम नियुक्त किया गया है। दरअसल, डीएम साहब ने पहले शादी की इजाजत दी थी, लेकिन जब रोब में आए तो अपने ही आदेश को भूल गए और मौके पर पहुंचकर उन्होंने शादी रुकवा दी। दूल्हे, पंडित समेत अन्य मेहमानों के साथ बदसलूकी भी की। इस घटना की कड़ी आलोचना हुई। सरकार ने इस मामले की जांच दो सीनियर आईएएस अफसरों को सौंप दी। इस बीच बीजेपी विधायक आशीष दास डीएम शैलेश कुमार यादव को हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। अंतत: सरकार ने डीएम को हटा दिया। अब दास का कहना है कि उन्हें खुशी है कि शैलेश कुमार ने अपनी गलती मान ली है।


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