राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
नई दिल्ली। अधिकतर राज्यों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाओं की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा। इसके मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने देश भर में वैज्ञानिक, तर्कसंगत और न्यायसंगत आधार पर चिकित्सा ऑक्सीजन की उपलब्धता और वितरण को लेकर 12-सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया है। यह टास्क फोर्स देश में ऑक्सीजन के आवंटन सहित जरूरी दवाओं की उपलब्धता और कोविड से निपटने की भविष्य की तैयारियों पर भी सुझाव देगा। इसमें डॉ नरेश त्रेहन (गुड़गांव के मेदांता हॉस्पिटल एंड हार्ट इंस्टीट्यूट के चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर) और दिल्ली के सर गंगा राम हॉस्पिटल, वेल्लोर के क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, बेंगलुरु के नारायण हेल्थकेयर और मुंबई के फोर्टिस हॉस्पिटल के प्रमुख डॉक्टर शामिल होंगे।
उल्लेखनीय है कि शीर्ष अदालत द्वारा शुक्रवार को टास्क फोर्स का गठन करने का आदेश दिया गया था, जब ऑक्सीजन को लेकर केंद्र के आवंटन के कार्यों में बेहतरी की आवाज उठाई गई थी। अदालत ने कहा कि केंद्र एंबुलेंस, निचले स्तर के कोविड केयर सुविधाओं और होम क्वारंटाइन में रोगियों जैसे कारकों पर काम करने में विफल रहा। टास्क फोर्स में दस प्रसिद्ध डॉक्टर समेत कैबिनेट सेक्रेट्री या उनकी तरफ से मनोनीत अधिकारी संयोजक भी शामिल होंगे। साथ ही स्वास्थ्य सचिव भी इसके एक सदस्य होंगे। टास्क फोर्स का नेतृत्व पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ भबतोष विश्वास द्वारा किया जाएगा है।
यह आदेश जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिया है। कोर्ट ने कहा है कि ये टास्क फोर्स पारदर्शी और पेशेवर आधार पर कोरोना महामारी की चुनौतियों का सामना करने के लिए इनपुट और रणनीति प्रदान करेगी। साथ ही वैज्ञानिक, तर्कसंगत और न्यायसंगत आधार पर राज्यों को ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए कार्यप्रणाली तैयार करेगी, जिसमें शामिल 10 सदस्य देश के जाने-माने डॉक्टर और दो सदस्य सरकार के प्रतिनिधि होंगे।


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