शिवमोहन/राष्ट्रीय जनमोर्चा
प्रतापगढ़। प्रदेश में पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं। लगातार उन पर हमले हो रहे हैं। ताजा मामला एबीवीपी गंगा के जिला संवाददाता सुलभ श्रीवास्तव की हत्या का सामने आया है। रविवार देर रात सड़क के किनारे उनका संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई। इस घटना को लेकर तमाम पत्रकार संगठनों व समाचार पत्र-पत्रिकाओं के संपादकों ने रोष व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। इसके अलावा विपक्ष ने मुख्यमंत्री को इस मामले को लेकर घेरने की कोशिश की है और लगातार प्रदेश के विभिन्न जिलों में लोग हंगामा कर रहे हैं।
प्रतापगढ़ पुलिस के अनुसार घटना थाना नगर कोतवाली इलाके के सुखपाल नगर ईंट-भट्ठे के पास की है। यहां सड़क पर रविवार की देर रात सुलभ श्रीवास्तव का शव पड़ा मिला। पुलिस उसे जिला अस्पताल ले गई जहां डॉक्टरों ने भी सुलभ को मृत घोषित कर दिया। लेकिन पुलिस इस मामले की हत्या के तहत जांच नहीं कर रही है, बल्कि एक दुर्घटना मान रही है। जबकि सुलभ श्रीवास्तव ने 11 जून को अपर पुलिस महानिदेशक (प्रयाग जोन) और प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक को एक पत्र लिखकर जान-माल की सुरक्षा करने की मांग की थी।
सुलभ श्रीवास्तव ने अपने पत्र में बताया था कि पिछले दिनों कुंडा, हथिगंवा, अंतू व अन्य थाना क्षेत्रों में पुलिस की छापेमारी में भारी मात्रा में शराब बरामद की थी और एक-दो अवैध फैक्टरी पकड़ी गई थी। इस खबर को उन्होंने 9 जून को अपने न्यूज चैनल के माध्यम से ब्रेक की थी। इसकी वजह से शराब माफिया सुलभ श्रीवास्वत के पीछे पड़ गया था। खुद सुलभ ने भी अपने पत्र में लिखा था कि उन्हें लगता है कि कोई उनका लगातार पीछा कर रहा है और उनकी जान का खतरा बना हुआ है। स्थानीय पुलिस से भी उन्होंने गुहार लगाई थी कि कोई उनकी रेकी कर रहा है। उन्हें शराब माफिया की धमकी मिल रही है और वह परेशान हैं। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। नतीजतन शराब माफिया ने सुलभ श्रीवास्तव की हत्या कर दी।


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