राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योगा बहुत जरूरी है। योग और उसके महत्व को समझते हुए हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने की पहल भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की थी, तब से यह हर साल मनाया जा रहा है। लंबी उम्र के लिए योग करना बेहद जरूरी है। जन मानव उत्थान समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष हिमांशी शर्मा ने भी सोमवार को योग करके लोगों को संदेश दिया कि अगर कोरोना महामारी से लड़ना है तो सभी को 24 घंटे में एक घंटे अपने लिए अवश्य निकालकर योगा करें। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता और मजबूत होती है। साथ ही ऑक्सीजन का संतुलन बना रहता है।
हिमांशी शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बताया कि योग को प्राचीन भारतीय कला का एक प्रतीक माना जाता है। भारतीय योग को जीवन में सकारात्मकता और ऊर्जावान बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य योग व स्वास्थ्य के प्रति लोगों में जागरुकता पैदा करने के साथ-साथ लोगों को तनावमुक्त करना भी है। उन्होंने कहा कि योग, भारतीय ज्ञान की पांच हजार वर्ष पुरानी विरासत है, जिसके प्रणेता महर्षि पतंजलि को माना जाता है। योग साधना में जीवन शैली का पूर्ण सार समाहित किया गया है।
उन्होंने ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ से बताया कि लॉकडाउन के समय का सदुपयोग करते मैंने स्वयं योग के माध्यम से 5 किलोग्राम वजन कम किया है ओर अपने को स्वस्थ रखने के लिए रोज नियमित व्यायाम व योग करती हूं। इसके अलावा जन मानव उत्थान समिति संस्था के माध्यम से वह योग के प्रति लोगों को जागरूक भी करती हैं। हिमांशी शर्मा ने संस्था के सभी जिला व प्रदेश अध्यक्षों को निर्देश दे रखा है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में योग के प्रति लोगों को जागरूक करें। उनके दिशा-निर्देश पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देश के कई राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष व जिलाध्यक्षों ने कार्यक्रम आयोजित किया। इस कड़ी में राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु वैष्णव और उनकी टीम ने सोमवार की सुबह योग व मैराथन दौड़ का आयोजन कर योग के प्रति हजारों लोगों को जागरूक करने का काम किया है।


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