राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। लाइनपार क्षेत्र विकास के लिए उपेक्षित है। करीब पांच साल पहले 24 जून, 2016 को रेल मंत्री मनोज सिन्हा ने लाइनपार क्षेत्र को शहर से जोड़ने के लिए आर.ओ.बी. का शिलान्यास किया था, किंतु आज तक इसका कार्य आधा अधूरा पड़ा है। लाइनपार क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं के लिए समय-समय पर आंदोलन करने वाले जन अधिकार मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. राजेश शर्मा ने कहा है कि इस क्षेत्र का विकास तभी संभव है जब लाइनपार क्षेत्र का ही अपना विधायक हो।
शर्मा ने कहा कि यहां की जो प्रमुख समस्याएं हैं, उनमें आर.ओ.बी. की समस्या प्रमुख है। इसके लिए क्षेत्रीय आरडब्लूए और जनता ने मिलकर कई बार आंदोलन किए। लेकिन लाइनपार क्षेत्र का यह दुर्भाग्य है कि पांच साल बाद सरकार बदल जाती है पर इस क्षेत्र को अभी तक एक आर.ओ.बी नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद शहर की सबसे वीआईपी कॉलोनी राजनगर में सरकारी हॉस्पिटल बन सकता है परंतु लाइनपार क्षेत्र जहां 90 फीसदी मध्यम वर्गीय परिवार रहता है और नौकरी पेशा व मजदूरी करने वाले यहां निवास करते हैं, जहां सरकारी अस्पताल की सबसे अधिक जरूरत है, वहां हमारे नेता एक भी हॉस्पिटल नहीं बनवा पाए। शर्मा का मानना है कि अगर लाइनपार क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को कोई समझ सकता है और उसे खत्म करवा सकता है तो उसके लिए लाइनपार क्षेत्र का ही जनप्रतिनिधि होना बहुत जरूरी है।


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