राहुल गौतम/राष्ट्रीय जनमोर्चा
गाजियाबाद। देश ने सोमवार को 22वां कारगिल विजय दिवस मनाया। यह खास दिन देश के उन वीर सपूतों को समर्पित है, जब तमाम मुश्किलों को पार करते हुए भारत के जाबंजों ने 26 जुलाई, 1999 को पाकिस्तानी सैनिकों को कारगिल से खदेड़कर दुर्गम चोटियों पर विजय पताका फहराई थी। भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू एवं कश्मीर के कारगिल में छिड़े युद्ध को दो दशक से भी ज्यादा समय हो गए हैं। इस संघर्ष की शुरुआत कब हुई, भारतीय रणबांकुरों ने किस तरह यह सफलता अर्जित की, इसकी शौर्यगाथा को चंद शब्दों में नहीं समेटा जा सकता।
यह कहना है अखिल भारतीय भूतपूर्व सैनिक विकास परिषद का। संस्था की तरफ से विधान पब्लिक स्कूल दुहाई मेरठ रोड गाजियबाद पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें कई भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवार वालों ने हिस्सा लिया। विजय दिवस कार्यक्रम आयोजन की अध्यक्षता शहीद संजीव कुमार की माता ने किया। जबकि संयोजक प्रदेश महासचिव रामपाल रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ सुखबीर सिंह पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष A.E.D.C, डॉ विजेंर संयोजक संस्थापक A.E.D.C विनय तिवारी, राष्ट्रीय महासचिव A.E.D.C एवं सम्मानित अतिथि केपी सिंह, प्रदेश अध्यक्ष A.E.D.C मनोज प्रधान सुल्तानपुर, योगेंदर सिंह, विजन सिंह, अशोक कुमार, वेद प्रकाश शर्मा, वृजपाल, देवेन्द्र सरोही, सुखपाल हरभजन सिंह, पंकज शर्मा, मूकचंद्र शर्मा, धर्मपाल सिंह आदि मौजूद रहे।


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