राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। गुरुकुल द स्कूल में रविवार को हॉर्स राइडिंग शो का आयोजन किया गया। इसमें गुरुकुल द स्कूल के अलावा एनसीआर, पंजाब और अन्य कई जिले के स्कूलों के बच्चों ने भाग लिया और घुड़सवारी के करतब दिखाए। इन बच्चों में महज दस साल की वैष्णवी अरोड़ा ने अपने हुनर का शानदार प्रदर्शन किया। हॉर्स राइडिंग में एक दो नहीं बल्कि एक गोल्ड, दो सिल्वर और दो कांस्य पदक जीते हैं।
वैष्णवी अरोड़ा (10) ने स्कूल के साथ-साथ जिले का नाम भी रोशन किया है। वह इसका श्रेय अपने गुरु, माता-पिता और सहयोगियों को देती हैं। वैष्णवी की माता डॉली भास्कर अरोड़ा और पिता प्रवीन अरोड़ा ने बिटिया की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि कोरोना संकटकाल के समय में प्रैक्टिस करने का मौका कम मिला। लेकिन मेरी बेटी को जितना समय मिला, उसमें उसने कड़ी महेनत की और अब उसका सुखद परिणाम सभी के सामाने हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपनी बेटी पर गर्व है। वैष्णवी की माता ने इसके लिए गुरुकुल द स्कूल के हॉर्स राइडिंग सिखाने वाले साहिल और उनकी टीम का शुक्रिया अदा किया है।
उल्लेखनीय है कि गुरुकुल द स्कूल शहर का पहला ऐसा स्कूल है, जहां बच्चों को घुड़सवारी की ट्रेनिंग दी गई है। रविवार, 12 दिसंबर को हॉर्स राइडिंग शो का आयोजन किया गया, जिसमें एनसीआर और कई अन्य राज्यों से छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस अवसर पर गुरुकुल द स्कूल के निदेशक सचिन वत्स ने ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ से कहा कि भारत में घुड़सवारी को लोकप्रियता मिले, इसके लिए बच्चों में भी घुड़सवारी के प्रति रुचि पैदा करनी होगी। लेकिन ऐसा तब होगा, जब स्कूलों में अन्य खेलों के साथ-साथ इसे भी शामिल कर बच्चों को ट्रेनिंग दी जाएगी।


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