राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
नोएडा। नारी प्रगति सोशल फाउंडेशन की संस्थापक मीनाक्षी त्यागी और नीशू गुप्ता की अध्यक्षता में एक वेबीनार आयोजित किया गया। जिसमें गीता के उपदेशों को आत्मसात करने पर चर्चा हुई। ‘कर्मणेव अधिकरषते मा फलेषु कदाचन।’ कर्म किए जा फल की इच्छा मत कर ये इंसान। जैसे करम करेगा वैसे फल देगा भगवान, ये है गीता का ज्ञान।
14 दिसम्बर को गीता जयंती के अवसर पर ‘दिल से दिल की बात’ सीरीज़-2 के तहत वेबीनार में भगवत गीता के अमूल्य ज्ञान को जीवन में किस तरीके से उतारना है, इसके बारे में प्रमुख वक्ता रविंद्र श्रीवास्तव ने विस्तार से बताया। उन्होंने कहा, दुखों को स्वयं दूर किया जा सकता है। विभिन्न उदाहरण देकर उन्होंने गीता के उपदेशों को समझाया। मनुष्य का रूप भगवान की सुंदर कलाकृति है, मन, बुद्धि और अहंकार यह जीवन के भाग हैं। इनको यदि वश में व्यक्ति ने कर लिया तो वह जिंदगी के तनावों से दूर रह सकता है।
संस्था की मीडिया प्रमुख अलका वर्मा ने बताया कि कार्यक्रम का संचालन संस्था की जनरल सेक्रेटरी सुनीता जेटली ने किया। इस मौके पर संजय सिंह, मनीष गुप्ता, अमरनाथ सिंह, सोनाली सिंह, शैफाली तिवारी रावत, रमा त्यागी, नीलम मनचंदा, रविकांत शर्मा, राकेश कुमार, सोनू यादव आदि उपस्थित रहे।


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