राष्ट्रीय जनमोर्चा। जितेन्द्र बच्चन
नोएडा। आतंकियों के छक्के छुड़ाने वाले जांबाज IPS डॉ. राजीव नारायण मिश्र की 32 साल की पुलिस सेवा का 31 अक्टूबर को समापन हो गया। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानति ‘राष्ट्र गौरव’ डॉ. मिश्र अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में डीआईजी के पद से सेवानिवृत्त हो गए। पुलिस कमिश्नरेट नोएडा में गरिमामयी विदाई समारोह आयोजित कर उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने डॉ. मिश्र को पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया और उनके लंबे, समर्पित एवं उत्कृष्ट सेवाकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।
विदाई समारोह के दौरान पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने जहां डॉ. राजीव नारायण मिश्र के गौरवशाली सेवाकाल को याद करते हुए उनके सुखद, स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की, वहीं पुलिस सेवा में लंबे समय तक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के बाद उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर अधिकतर पुलिस अधिकारियों ने उनके प्रति सम्मान और आत्मीयता प्रकट की। इस अवसर पर उनकी कार्यशैली, अदम्य साहस, प्रशासनिक क्षमता व कुशल नेतृत्व को न केवल सराहा गया, बल्कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में समारोह सम्मान, आत्मीयता और भावुकता से भरा रहा।
जांबाज पुलिस अधिकारियों में गिनती
30 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन उत्तर प्रदेश के कानपुर में जन्मे डॉ. राजीव नारायण मिश्र के पिता प्रदेश सरकार में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी थे। मां श्रीमती मनोरमा मिश्रा ने दो विषयों में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल करने के साथ-साथ साहित्य रत्न की उपाधि भी प्राप्त की थी। पिताजी के तबादलों के कारण राजीव नारायण मिश्र की प्रारंभिक शिक्षा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में हुई। बीकॉम एवं एमकॉम, क्राइस्टचर्च कॉलेज, कानपुर से किया। उसके बाद शासकीय सेवाओं में आ गए। तत्पश्चात रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली से पीएचडी की उपाधि हासिल की। आज राजीव नारायण मिश्र भारतीय पुलिस सेवा के जांबाज अधिकारियों में से एक माने जाते हैं।
बहुत लंबी है उपलब्धियों की फेहरिस्त
2010 के IPS अधिकारी डॉ राजीव नारायण मिश्र का गौरवशाली इतिहास है। उनकी उपलब्धियों की फेहरिस्त बहुत लंबी है। वाराणसी, अयोध्या, बरेली, मेरठ, कुशीनगर, लखनऊ एवं नोएडा में वह विभिन्न पदों पर नियुक्त रहे हैं। उन्होंने प्रशिक्षण की दृष्टि से सिंगापुर पुलिस की कार्यप्रणाली भी देखी और समझी। तेज-तर्रार पुलिस अधिकारी के रूप में जाने जाने वाले डॉ मिश्र ने अयोध्या के आतंकवादी हमले में CRPF के साथ आतंकवादियों से सीधा मोर्चा लेते हुए हमले में शामिल सभी पांच आतंकियों को मार गिराया था।
डॉ राजीव नाराण मिश्र एसपी, एटीएस (आतंकवाद निरोधी दस्ता) और एसपी, एसटीएफ के रूप में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी तैनात रहे। उसके बाद उन्होंने SSP (STF) के रूप में पूरे उत्तर प्रदेश की कमान संभाली और अभ्यस्त, पेशेवर एवं पलायित अपराधियों पर निशाना साधते हुए उन्हें उनके अंतिम मुकाम तक पहुंचाने में सफल रहे।
आगामी जीवन की हार्दिक शुभकामनाएं!
5 अप्रैल, 2026 को देश के प्रतिष्ठित संगठन समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया (SKFI) ने 9 राज्यों की कई हस्तियों के साथ गौतमबुद्ध नगर के अपर पुलिस आयुक्त डॉ. राजीव नारायण मिश्र को भी ‘राष्ट्र गौरव’ पुरस्कार से अलंकृत किया था। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत में वरिष्ठ पत्रकार डॉ. जितेन्द्र बच्चन ने कहा है कि डॉ. राजीव नाराण मिश्र की गौरवशाली पुलिस सेवा पर देश को हमेशा गर्व रहेगा। उन्होंने डॉ मिश्र की कार्य शैली, अदम्य साहस, प्रशासनिक क्षमता और कुशल नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आपका सरल स्वभाव, मिलनसार व वेदाग छवि शासन, प्रशासन एंव जन मानस द्वारा सदैव सराहा जाएगा। हम कामना करते हैं कि आपका जीवन सदैव खुशियों से भरा रहे। आपके आगामी जीवन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।

जितेन्द्र बच्चन भारत में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और राष्ट्रीय पुरस्कार ‘भारत गौरव’ से सम्मानित हैं। पत्रकारिता में 38 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। दैनिक जागरण में चीफ रिपोर्टर, पंजाब केसरी में सहायक संपादक और हिंदुस्थान समाचार में नेशनल ब्यूरो दिल्ली में CBI BEAT पर रहने के बाद अब राष्ट्रीय जनमोर्चा के सम्पादक हैं।

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