राष्ट्रीय जनमोर्चा। संवाददाता
गाजियाबाद। बाल शोषण, यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के मामलों में बच्चे अक्सर डर या संकोच के कारण अपनी बात नहीं कह पाते। ऐसे में जरूरी है कि उन्हें अपने अधिकारों व सुरक्षा के लिए बने कानूनों की जानकारी हो, ताकि वे किसी भी गलत व्यवहार के खिलाफ आवाज उठा सकें। यह बात विधि विशेषज्ञ एवं अधिवक्ता सुश्री मोनिका सखरानी ने शनिवार को प्रताप विहार स्थित इंदिरापुरम पब्लिक स्कूल में शिक्षकों एवं ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए पॉक्सो (POCSO) एवं पॉश (POSH) अधिनियम को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित एक विशेष कार्यशाला में कही।
सुश्री मोनिका ने कार्यशाला में बतौर मुख्य वक्ता बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों, यौन अपराध की पहचान तथा ऐसी परिस्थितियों में शिक्षकों एवं कर्मचारियों की भूमिका व कानूनी जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, शिकायत निवारण प्रक्रिया तथा सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के उपायों की जानकारी दी।
कार्यशाला में प्रश्नोत्तर के माध्यम से प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। विद्यालय सचिव प्रियंक जोशी ने बच्चों की सुरक्षा एवं प्रत्येक कर्मचारी के सम्मान की रक्षा विद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता बताई, तो प्रधानाचार्य ने कहा कि प्रत्येक शिक्षक एवं कर्मचारी की सजगता इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यशाला का समापन जागरूकता, संवेदनशीलता और सामूहिक उत्तरदायित्व के संदेश के साथ हुआ।

जितेन्द्र बच्चन भारत में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और राष्ट्रीय पुरस्कार ‘भारत गौरव’ से सम्मानित हैं। पत्रकारिता में 38 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। दैनिक जागरण में चीफ रिपोर्टर, पंजाब केसरी में सहायक संपादक और हिंदुस्थान समाचार में नेशनल ब्यूरो दिल्ली में CBI BEAT पर रहने के बाद अब राष्ट्रीय जनमोर्चा के सम्पादक हैं।

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