नई दिल्ली। किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से ट्रैक्टर रैली निकालने की अनुमति ली थी। पुलिस ने उन्हें रैली निकालने के लिए रास्ता बता दिया था, लेकिन आज मंगलवार को जब किसानों ने अपना मार्च शुरू किया तो बवाल शुरू हो गया। सिंघु बॉर्डर, टिकरी और गाजीपुर के बाद प्रदर्शनकारी किसानों ने आईटीओ पर भी जमकर हंगामा किया। पुलिस के साथ कई बार झड़प हो गई। किसानों ने सारे नियम-शर्तों का उल्लंघन करते हुए अपने ट्रैक्टरों को आईटीओ से लाल किले की तरफ दौड़ा दिया। इस क्रम में उनका पुलिस के साथ टकराव भी हुआ है। पुलिस ने उपद्रव कर रहे किसानों को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले दागे हैं और लाठी चार्ज किया है।
दिल्ली में किसानों ने पुराने पुलिस मुख्यालय के सामने अपना उग्र परिचय दिया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। आईटीओ पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। दूसरी ओर उपद्रव पर उतारू किसानों ने आईटीओ के पास पुलिस के साथ मारपीट की है और पुलिस वैन में तोड़फोड़ की है। कई जगह बैरीकेड तोड़ दिए हैं। किसानों ने पुलिस पर पथराव भी किया है। एहतियात के तौर पर आईटीओ मेट्रो स्टेशन को बंद कर दिया गया है।
राजधानी दिल्ली में किसानों के ट्रैक्टर मार्च के दौरान हो रहे हिंसक प्रदर्शन के चलते दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने मंगलवार दोपहर में 14 मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वार के साथ बाहर निकलने वाला गेट भी बंद कर दिया है। यहां अगले आदेश तक मेट्रो स्टेशन पर एंट्री और एग्जिग गेट बंद कर दिए गए हैं। यह निर्णय किसानों की ट्रैक्टर परेड के चलते लिया गया है। बताया जा रहा है कि किसान मेट्रो स्टेशन के अंदर प्रवेश कर तोड़-फोड़कर सकते हैं। वहीं पता चला है कि मुकरबा चौक पर सबसे अधिक उत्पात मचाया गया। यहां टीयर गन लूट लिए गए। पुलिस के क्रेन पर कब्जा कर उसी से सड़कों पर बैरिकेड के रूप में इस्तेमाल की गई बसों और डंपर को हटा दिए गए। मुकरबा चौक पर मीडिया के कैमरे भी छीन लिए गए। कुछ कैमरा मैन को कैमरा ऑन करने से मना कर दिया गया।
पुलिस का कहना है कि संयुक्त किसान मोर्चा तय शर्तों के अनुरूप ही ट्रैक्टर परेड निकाल रही है, किन्तु पन्नू और तरण तरण गुट के किसान लगातार नियम तोड़ रहे हैं। खबर लिखे जाने तक पुलिस किसानों को उपद्रव करने से रोकने के प्रयास कर रही है।


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