राष्ट्रीय जनमोर्चा कार्यालय
प्रोफेसर पंकज कुमार अध्यक्ष तो पंकज वर्मा महासचिव मनोनीत
छपरा। श्री चित्रांश समिति ने ब्रज किशोर किंडर गार्टन स्कूल के सभा कक्ष में बुधवार की शाम आमसभा की बैठक कर नयी कार्यसमिति की घोषणा कर दी। प्रोफेसर पंकज कुमार को अध्यक्ष और पंकज वर्मा को महासचिव मनोनीत किया गया है। आमसभा में समिति के सदस्यों ने खुलकर बोला। साथ ही चित्रांश बंधुओं ने समाज के समग्र विकास एवं एकजुटता के लिए हुंकार भरते हुए मुख्य धारा में आने लिए आह्वान किया है।
चित्रांश बंधुओं ने कहा है कि अब नेपथ्य में रहने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, साहित्यिक, राजनीतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में अपनी पुरानी पहचान एवं परंपरा को पुनर्जीवित करना होगा। इसके लिए विशेष रूप से वरीय चित्रांशगणों के मार्गदर्शन में युवा पीढ़ी को आगे आना होगा और श्री चित्रगुप्त पूजनोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी निभानी होगी।
हाशिए पर नहीं रख सकता कोई :
श्री चित्रांश समिति की बैठक की अध्यक्षता इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय, प्रयागराज के राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एवं समिति के अध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार ने की तथा संचालन संयुक्त सचिव अविनाश कुमार ने किया। बैठक की शुरुआत महासचिव पंकज कुमार वर्मा के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने बैठक के औचित्य पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए सभी से आग्रह किया कि समिति द्वारा किए जाने वाले समस्त कार्यक्रमों में अपनी भागीदारी अवश्य सुनिश्चित करें। जबकि समिति के संरक्षक ब्रजेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा कि अब वह समय आ गया है कि अपने समाज को मुख्य धारा में लाया जाय। अब हमें कोई किसी भी दृष्टिकोण से हाशिए पर नहीं रख सकता, बल्कि एक पहचान पूर्व की तरह कायम हो गई है। बस, इसे संवारने की आवश्यकता है।
अपने समाज को धरातल से जोड़ना होगा:
वक्ता एवं वरीय पत्रकार डॉ. विद्या भूषण श्रीवास्तव ने अपने ओजस्वी उद्बोधन से सभी चित्रांश बंधुओं को एक सूत्र में बांधते हुए कहा कि पंचायत एवं वार्ड स्तर से इस समाज को स्थापित करने की कोशिश होनी चाहिए। अपनी विरासत को आगे करना होगा। अपने समाज को धरातल से जोड़ना होगा। सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, शैक्षणिक, रचनात्मक गतिविधि में हम सभी किसी भी अन्य वर्ग या जमात से पीछे नहीं है, तब हम राजनीतिक क्षेत्र में कैसे पीछे रहेंगे?
डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि जहां हमारे पूर्वजों सुभाष चंद्र बोस, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, लाल बहादुर शास्त्री, सच्चिदा नंद सिन्हा, लोकनायक जय प्रकाश नारायण आदि ने आजादी के पूर्व या बाद में देश को एक नई दिशा दी है, तब हम आज क्यों नहीं सबक लेते? क्यों राजनीति से पीछे भाग रहे है? आज इस देश को हमारे समाज की आवश्यकता है। यह सभी मानने एवं समझने लगे हैं। भले ही उजागर नहीं करते। अपने अनुभव को पारदर्शी बनाएं, धरातल पर उतरें, देखें कि हम किसी भी क्षेत्र में कम नहीं हैं। भले ही हमारी जनसंख्या बिहार में 0.6 प्रतिशत आंकी गई है, फिर भी हम कम नहीं हैं।

जिला स्तरीय सामान्य समिति गठित करने दिया सुझाव :
हाल ही में पटना के ज्ञान भवन में युवा नेता मनीष सिन्हा द्वारा आयोजित कायस्थ महापंचायत में उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए चित्रांश विभूति सम्मान से नवाजे गए वरीय पत्रकार एवं समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया के बिहार प्रदेश प्रभारी डॉ. श्रीवास्तव ने समिति के अध्यक्ष से आग्रह किया कि इसके संविधान निर्माण एवं अन्य कार्यक्रमों में सहयोग लेने के एक अधिकार के साथ मुझे दायित्व दे सकते हैं। उन्होंने छपरा में सभी चित्रांश संगठनों के बीच आपसी समन्वय स्थापित करने के लिए जिला स्तरीय सामान्य समिति गठित करने के लिए अध्यक्ष को विशेष रूप से सुझाव दिया।
डॉ. विद्या भूषण के सुझाव का किया पूर्ण समर्थन :
बैठक में कार्यालय सचिव ज्ञानेश कुमार वर्मा ने जहां समिति के माध्यम से चित्रांश समाज की बढ़ोतरी एवं विकास पर बल दिया, वहीं अशोक कुमार श्रीवास्तव ने समिति में हर संभव सहयोग करने की प्रतिबद्धता को दोहराया। वरीय चित्रांश ए.पी. रमण ने डॉ. विद्या भूषण श्रीवास्तव के सुझाव का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि यह सही है कि चित्रांश समन्वय समिति के गठन पर सभी चित्रांश संगठनों को आगे आना चाहिए। इसके लिए पहल होना आज की जरूरत है।
अधिवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने आगे बढ़ाने की वकालत की:
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रोफेसर पंकज कुमार ने समिति के ऐतिहासिक रूपरेखा को विस्तार से रखा तथा समिति के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. मृदुल कुमार शरण की अध्यक्षता में हुई विगत बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में श्री चित्रांश समिति के नई कार्यकारिणी समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की घोषणा की। उन्होंने पदोनुकूल सदस्यता शुल्क देने के प्रस्ताव को भी रखा, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।
युवा पीढ़ी को दें तवज्जो :
उन्होंने इस बात पर चिंता जाहिर की है कि यहां कई चित्रांश संगठन खड़े हो गए हैं, जिसकी कोई आवश्यकता नहीं है। मतभेद दूर रखें, दिलों से जुड़ें, सबकी सोच को तवज्जों दें। युवा पीढ़ी को विश्वास में लें और उन्हें उचित एवं सकारात्मक भाव से मार्गदर्शन दें।
अव्वल आने वाले विद्यार्थियों को करेंगे सम्मानित :
उन्होंने घोषणा की कि चित्रांश समाज के विकास में हर संभव सहयोग प्रदान करेंगे और सदैव करता भी आया हूं। यह समिति विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में आने वाले चित्रांश परिवार से जुड़े अव्वल विद्यार्थियों को सम्मानित करेगी। उन्होंने समिति के पूर्व महासचिव स्व. विकास बहादुर चांद के कार्यों को भी याद किया।
इस अवसर पर रहे उपस्थित :
इस मौके पर सचिव सूर्य प्रकाश, संयुक्त सचिव रितेश चांद, मनोज कुमार श्रीवास्तव, सुबोध कुमार सिन्हा, संगीत शिक्षिका हैपी श्रीवास्तव, अधिवक्ता दिलीप कुमार श्रीवास्तव, पूर्व शाखा प्रबंधक अशोक कुमार श्रीवास्तव, व्यवसायी विनीत श्रीवास्तव, अंकुर श्रीवास्तव, भूपेश नंदन, प्रभात कुमार, सौरभ श्रीवास्तव, राकेश दत्ता, मोहित कुमार श्रीवास्तव, सूर्यत, राजेश कुमार, रमेश श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।
अधिवक्ता अवधेश्वर सहाय को दी श्रद्धांजलि :
धन्यवाद ज्ञापन पूर्व प्राचार्य डॉ. मृदुल कुमार शरण ने किया। तदोपरांत, छपरा विधि मंडल के पूर्व अध्यक्ष, समाजसेवी, वरीय अधिवक्ता अवधेश्वर सहाय उर्फ अर्धनी बाबू के आकस्मिक निधन पर अध्यक्ष प्रोफेसर पंकज कुमार ने एक शोक प्रस्ताव पढ़ा तथा सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर उनके प्रति श्रद्धांजलि दी।


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