कला से समाज को आत्मा से जोड़ते थे भिखारी ठाकुर: आरिफ मोहम्मद खान

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता

राज्यपाल ने लोगों की मांग पर स्वर्गीय भिखारी ठाकुर को ‘भारत रत्न’ दिलवाने का प्रयास करने का आश्वासन दिया

डोरीगंज। सदर प्रखंड के कोट्वापट्टी रामपुर पंचायत स्थित कुतुबपुर गांव के भिखारी आश्रम में भिखारी ठाकुर की 138वीं जयंती समारोह पूर्वक मनायी गई। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रमेन्द्र कुमार बाजपेई, जिला परिषद अध्यक्ष जयमित्रा देवी, गड़खा विधायक सुरेंद्र राम ने द्वीप प्रज्वलित कर किया। राज्यपाल ने कहा कि सच्ची कला वही है जो समाज की आत्मा से जुड़ी हो। इसके साक्षात उदाहरण स्वर्गीय भिखारी ठाकुर हैं। उनकी जीवंत रचनाएं विदेशिया, बेटी बेचवा, विधवा विलाप, ननद भौजाई और पतोहु इसका जीवंत उदाहरण हैं।
उन्होंने कहा कि भोजपुरी के सेक्सपियर भिखारी ठाकुर का नाम आज पूरे विश्व के मानस पटल पर है। भोजपुरी को पूरे विश्व पटल पर लाने में भिखारी ठाकुर का अहम योगदान है। उन्होंने समाजिक मुद्दों को भोजपुरी में कला के माध्यम से समाज में उजागर करने का काम किया है। भिखारी ठाकुर अपने नाटक के माध्यम से समाज में हो रही कुरीतियों को उजागर कर समाज के लोगों को जागरूक करने का काम किया है। हमें भिखारी ठाकुर के कृतियों से सीख लेने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा कि भिखारी ठाकुर के समय बहुत उच्च स्तर की शिक्षा की व्यवस्था नहीं थी फिर भी उन्होंने समाज के लिए बहुत कुछ सीख छोड़ गए।
गुरुवार को आयोजित जयंती समारोह में आरिफ मोहम्मद खान ने लोगों की मांग पर स्वर्गीय भिखारी ठाकुर को ‘भारत रत्न’ दिलवाने का प्रयास करने का आश्वासन दिया है। इस अवसर पर सारण डीआईजी, वरीय एसएसपी डाक्टर कुमार आशीष, स्थानीय मुखिया सत्येन्द्र सिंह, पैक्स अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, उप प्रमुख अवधेश राय, पूर्व मुखिया मुन्ना कुमार समेत दर्जनों गणमान्य एवं जिला प्रशासन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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