राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
चित्रकूट। यहां की जेल में हुए शूटआउट में मारे गए कैदियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। उससे बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार मुकीम को दो गोलियां नहीं बल्कि अंशु दीक्षित ने 14 मई की सुबह मुकीम को 13 गोलियां मारी थीं। इससे पहले उसने ईद के इस मौके पर मुख्तार के खास मेराज खान उर्फ मेराजुद्दीन पर तीन फायर किए थे। लेकिन खुद अंशु दीक्षित भी नहीं बचा। उसे पुलिस की 20 गोलियां लगी थीं और मौके पर ही वह ढेर हो गया था। इसके अलावा जो एफआईआर इस मामले में दर्ज हुई है, उसके अनुसार वारदात के समय जेल अधीक्षक और जेलर दोनों जेल में नहीं थे। जेल अधीक्षक और जेलर नहाने-धोने और नाश्ते के लिए अपने-अपने सरकारी आवास में थे।
शनिवार 15 मई को यह भी पता चला कि उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जेल में हुए गैंगवार में मारे गए पश्चिमी यूपी के गैंगस्टर मुकीम उर्फ काला को अंशु दीक्षित ने 9एमएम पिस्टल से 13 गोलियां मारी थीं। इससे उसका शरीर छलनी हो गया। यह खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ है। पुलिस ने शुक्रवार रात ही मेराज के शव का पोस्टमार्टम करवाया था। उसके सिर में एक और सीने में दो गोलियों लगी थीं। शनिवार को मुकीम और अंशु की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, जिससे जेल में करीब डेढ़ घंटे चले खूनी खेल की तस्वीर सामने पेश आई है।
मुकीम का बदन गोलियों से छलनी हो चुका था। उसके शरीर मे 13 फायर आर्म इंजरी और करीब 5 बुलेट धंसे मिले। अंशु के शरीर में करीब 20 फायर आर्म इंजरी मिलीं, वह पुलिस की गोलियों से मारा गया था। यानी कि जेल में ताबड़तोड़ गोलियां चलीं थीं। करीब 50 राउंड गोलियां जेल की अंदर चलने की खबर है। इस मामले को लेकर अब सियासी पारा भी गरमाने लगा है। योगी सरकार विपक्ष के निशाने पर है। इस बीच मामले में कई जेल अधिकारियों पर गाज गिरी है। जेलर समेत कई अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया तो वहीं कई अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है।
बड़ा सवाल यह है कि अंशु के पास न सिर्फ पिस्टल पहुंचाई गई, बल्कि इसके साथ उसे डबल मैग्जीन भी मुहैया कराई गई।चित्रकूट प्रशासन का कहना है कि जेल में बंद अंशु दीक्षित ने मुकीम और मेराज अली की गोली मारकर हत्या करने के बाद उसने 5 कैदियों को बंधक बना लिया था। इस दौरान जेल प्रशासन ने अंशु से कैदियों को छोड़ने की अपील की, लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद पुलिस से मुठभेड़ में अंशु भी मारा गया। इस तरह तीन कैदी मारे गए, दो गैंगवार में और एक पुलिस मुठभेड़ में। फिलहाल, योगी सरकार ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए चित्रकूट जेल के जेलर और जेल अधीक्षक को निलंबित कर दिया है। साथ ही विभागीय कार्रवाई के भी आदेश दिए हैं। अशोक कुमार सागर को चित्रकूट का नया जेल अधीक्षक और सीपी त्रिपाठी चित्रकूट जेल के नए जेलर बनाए गए हैं। बाकी के मामले की जांच जारी है।


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