राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
– महिला उन्नित संस्था की पहल पर जेसीबी इंडिया लि. ने इसे बताया एतिहासिक कदम
-डीसीपी वृंदा शुक्ला ने किया कार्यशाला का शुभारम्भ
गौतमबुद्धनगर। निसंदेह महिलाएं किसी भी समाज का स्तम्भ हैं। हमारे आसपास वे कई भूमिकाओं को बड़ी कुशलता व सौम्यता से निभा रहीं है, लेकिन आज भी दुनिया के कई हिस्सों में समाज उनकी भूमिका को नजरअंदाज करता है। इसके चलते महिलाओं को बड़े पैमाने पर असमानता, उत्पीड़न, वित्तीय निर्भरता और अन्य सामाजिक बुराइयों का खामियाजा सहन करना पड़ता है। सदियों से ये बंधन महिलाओं को पेशेवर व व्यक्तिगत ऊंचाइयों को प्राप्त करने से अवरुद्ध करते रहे हैं पर अब और नहीं। महिला उन्नति संस्था (भारत) ने इन तमाम बुराइयों को खत्म करने का प्रण लिया है। इसी कड़ी में आज गुरुवार को संस्था की पहल पर जेसीबी इंडिया लि. द्वारा ग्रेटर नोएडा के इकोटेक- थर्ड स्थित आईटीआई हबीबपुर में महिलाओं के लिए नि:शुल्क जेसीबी ऑपरेटर का 40 दिन का प्रशिक्षण कोर्स शुरू किया गया।
11 फरवरी को आयोजित कार्यशाला का शुभारम्भ करते हुए डीसीपी वृंदा शुक्ला ने कहा कि आज कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है जहां महिलाओ ने अपनी प्रतिभा का लौहा न मनवाया हो। महिलाओ ने विभिन्न क्षेत्रों में खुद को साबित कर यह दिखाया है कि अगर उन्हें पर्याप्त अवसर मिले तो वे देश और समाज के विकास में अपनी महती भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। जेसीबी इंडिया लि. के वाइस प्रेसीडेंट वीरेन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि महिलाएं आज जहाज से लेकर लडाकू विमान तक उड़ा रही हैं, मगर यह देशभर में पहला अवसर होगा जब महिलाएं जेसीबी चलाएंगी। जेसीबी इंडिया लिमिटेड ने महिलाओं को इस फील्ड में दक्ष बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का एतिहासिक निर्णय किया है।
आईटीआई की चेयरपर्सन और संस्था की संरक्षक इन्दु गोयल ने कहा कि उन्हें बेहद खुशी हो रही है कि जेसीबी इंडिया द्वारा ग्रेटर नोयडा में महिलाओं के लिए नि:शुल्क प्रशिक्षण कोर्स शुरू किया गया, जिसका लाभ इस क्षेत्र की महिलाओं को मिल सकेगा और वे आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इस अवसर पर मौजूद महिला उन्नति संस्था के संस्थापक डॉ राहुल वर्मा ने राष्ट्रीय जनमोर्चा से बताया कि महिलाओं को समाज में उचित व सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए उनकी संस्था पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रही है। इस क्रम में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम आरम्भ किया गया हैं, जो अलग पृष्ठभूमि की महिलाओं के आत्मसम्मान, आंतरिक शक्ति और रचनात्मकता को पोषण करने के लिए ठोस आधार प्रदान करते हैं। डॉ वर्मा ने आशा जताई कि महिलाएं अपने कौशल, आत्मविश्वास और शिष्टता के आधार पर दुनिया की किसी भी चुनौती को संभालने में सक्षम हैं।
कार्यक्रम में संस्था के महासचिव अनिल भाटी, आशीष गुप्ता, रणवीर चौधरी, मनोज झा, गीता भाटी, सरिता वर्मा, विजय तंवर, ओमदत्त शर्मा, माधुरी, ओमवीर बघेल, जहीर सैफी, पिंकी भाटी आदि मौजूद रहे।


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