विश्व जल दिवस पर गिरते भूजल स्तर पर जताई चिंता

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गौतमबुद्धनगर। विश्व जल दिवस के अवसर पर सामाजिक संगठन महिला उन्नति संस्था (भारत) द्वारा जल संरक्षण को लेकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के इकोटेक तीन स्थित आईटीआई परिसर में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए भारत सरकार द्वारा जल नायक सम्मान से सम्मानित मशहूर पर्यावरणविद विक्रांत तोंगड ने भूजल के गिरते स्तर पर चिन्ता जताई है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में हर वर्ष 2 से 3 मीटर भूजल का स्तर गिरना बेहद चिन्ता का विषय है। यदि इसे समय रहते नहीं रोका गया तो आने वाले समय में हालात बहुत भयावह होंगे। इसके लिए हमें भूजल स्रोतों को पुनर्जीवित करना होगा। तोंगड ने सरकार द्वारा वर्षा के जल का संचयन करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चलाए गए कैच द रैन अभियान का स्वागत करते हुए कहा कि वर्षा के जल को संरक्षित कर जल संकट की समस्या पर काबू पाया जा सकता है।
संस्था की संरक्षक और आईटीआई संचालिका इन्दु गोयल ने कहा कि दैनिक जीवन में उपयोग में आने वाले पानी की बचत करके भी हम जल की बर्बादी रोक सकते हैं। यह कार्य केवल सरकार या प्रशासन के बूते नहीं किया जा सकता, इसके लिए जनभागीदारी की आवश्यक्ता है। इसलिए शासन-प्रशासन द्वारा स्वयं सेवी संस्थाओं के साथ मिलकर जल संरक्षण और पौधरोपण को लेकर जागरूकता अभियान चलाने होंगे, ताकि लोग जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझकर इस मुहिम में सहयोग करें।
कार्यक्रम में विश्व जल दिवस पर संस्था द्वारा जल एवं पर्यावरण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए जाने पर जल नायक विक्रांत तोंगड को समाजसेवा सम्मान देकर सम्मानित किया गया। गोष्ठी में संस्था के संस्थापक डा राहुल वर्मा, अनिल भाटी, रणवीर चौधरी, विजय तंवर, ओमदत्त शर्मा, मनोज झा और नरेश आदि ने भी जल संरक्षण को लेकर अपने-अपने विचार रखे।

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