कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग बिल को बताया किसानों की बर्बादी

किसान आंदोलन का 107वां दिन

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
नई दिल्ली। किसान आंदोलन का शुक्रवार को 107वां दिन रहा। गाजीपुर बॉर्डर पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष (युवा) चौधरी गौरव टिकैत ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार किसानों का हरशमेंट करने की योजना के साथ यह सोच रही है की धरने को जितने ज्यादा दिन होंगे, किसान हताश होकर लौटने लगेंगे। ऐसा नहीं होगा बल्कि इसका उल्टा यह हो रहा है कि जितने दिन आंदोलन के बढ़ रहे हैं, इनके सांसद कम होने शुरू हो गए हैं। उन्होंने कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग बिल को किसानों की बर्बादी बताया है।
गौरव टिकैत ने कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग के विषय में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि तीनों बिलों में कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग का यह बिल बहुत खतरनाक बिल है, जो किसानों को दरबदर कर देगा। खानाबदोश बनाकर छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि मिसाल के तौर पर पश्चिम उत्तर प्रदेश में गन्ने की खेती होती है और कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग के तहत किसानों की जमीन बंधक बना ली जाएगी। जिसमें बाकायदा एग्रीमेंट साइन किए जाएंगे।जिसमें बड़ी संख्या में किसानों की जमीन क्षेत्रफल के हिसाब से ले ली जाएगी और आपकी पैमाइश ( डौल ) खत्म कर दी जाएगी।
भाजपा पर तंज कसते हुए गौरव ने कहा, “सबका साथ सबका विकास के वादे का इन्होंने उल्टा कर दिया- अपना विकास सबका नाश।” इनकी नीतियों के चलते शायद ही कोई भाग्यवान किसान होगा जिसकी जमीन बैंकों के पास गिरवी न रखी हो। उन्होंने कहा कि हमें कर्ज नहीं, हमें हमारी फसलों के सही दाम सरकार देने का काम करे। स्वामीनाथन रिपोर्ट कमेटी को लागू करने का वायदा किया था लेकिन उसके विपरीत काम हो रहे हैं। सही दाम न मिलने के कारण किसानों की दुर्गति का दौर यह है कि 200 से ज्यादा किसान तो यहां आंदोलन में शहीद हो चुके हैं।
शुक्रवार, 12 मार्च को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के राष्ट्रीय प्रेस प्रभारी शमशेर राणा ने बताया कि पंजाब से आने वाले जत्थे में मामराज सिंह, हरमिंदर सिंह, बलबीर सिंह, निहाल सिंह मोगा, टोडा सिंह, भजन सिंह, सुखजीत सिंह आदि मौजूद रहे और दूसरे प्रदेशों से भी किसानों ने शिरकत की। वहीं शुक्रवार को धरने पर बैठने वालों में दिल्ली के निरंजन सिंह, हरिद्वार के जत्थेदार सतविंदर सिंह, जौनपुर उत्तर प्रदेश के कृष्ण नारायण तिवारी, विजय कुमार, लालजी यादव जौनपुर, सुल्तानपुर के शारदा प्रसाद पांडेय, विनोद कुमार कश्यप, कानपुर देहात के सत्येंद्र अवस्थी, घनश्याम सिंह यादव, रमेश सिंह यादव, परशुराम यादव और धर्मवीर सिंह यादव शामिल रहे। मंच संचालन वरिष्ठ सदस्य ओमपाल मलिक ने किया।

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