दिल्ली में दलाई लामा की आधिकारिक जीवनी ‘अनश्वर’ का लोकार्पण

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
नयी दिल्ली। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में प्रख्यात जीवनीकार अरविंद यादव की करुणावतार बौद्ध चिंतक दलाई लामा की आधिकारिक जीवनी ‘अनश्वर’ पुस्तक का लोकार्पण किया गया। एक भव्य कार्यक्रम में पद्मविभूषण डॉ कर्ण सिंह, राजनेता पद्मविभूषण डॉ मुरली मनोहर जोशी तथा दलाई लामा के प्रतिनिधि के रूप में तिब्बत संस्थान के निदेशक गेशे दोर्जी दमदुल ने लोकार्पित किया।
सर्व भाषा ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित पुस्तक के इस लोकार्पण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डा. कर्ण सिंह ने कहा कि चीन को बौद्ध धर्म से परिचित कराने वाले ही तिब्बत के लोग हैं। ये भारत भूमि की महिमा थी कि यहां से बौद्ध धर्म चीन गया। आज भारत में अलग-अलग जगहों पर तिब्बत के लोग हैं और बौद्ध धर्म का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष पद्मविभूषण डा. मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि दलाईलामा विभिन्न योग विधाओं और आत्मीय शक्तियों के ज्ञाता हैं। चीन ने अपनी आक्रामक नीतियों से न केवल दलाईलामा को निर्वासित होने पर मजबूर किया, बल्कि तिब्बत के लोगों का भी दमन किया और उनकी सांस्कृतिक पहचान को मिटाने की कोशिशें की है। उन्होंने कहा कि चीन की ओर से किए जा रहे अत्याचारों के कारण तिब्बत के लोगों को अपना देश छोड़कर भारत के विभिन्न राज्यों में शरण लेनी पड़ी।
डॉ जोशी ने भारत और चीन की नीति में अंतर बताते हुए कहा कि भारत ने कभी किसी धर्म या व्यक्ति को हानि नहीं पहुंचाई। चीन ने जिस तरह बौद्ध और तिब्बत के लोगों का संहार किया, वह गलत था। इसके बावजूद दलाईलामा ने कभी हथियार नहीं उठाया।
जीवनीकार अरविंद यादव ने इससे पूर्व प्रख्यात गायिका हेमलता और अन्य अनेक महिमावान व्यक्तित्वों पर जीवनी लिखकर पर्याप्त ख्याति अर्जित की है। दलाई लामा की यह जीवनी पांच खंडों में 776 पृष्ठों में उपनिबद्ध है। कार्यक्रम में मीडिया कर्मी, संस्कृति कर्मी, साहित्यकार, कवि व चिंतक उपस्थित रहे।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*