राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
पुणे (महाराष्ट्र)। सरदार पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर मणिभाई देसाई मानव सेवा ट्रस्ट द्वारा 31 अक्टूबर को देश की 105 प्रतिभाओं को ‘भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल हिंदू रत्न पुरस्कार’ प्रदान किया गया। साहित्यरत्न लोकशाहीर अण्णाभाऊ साठे सांस्कृतिक हॉल में आयोजित भव्य सम्मान समारोह की अध्यक्षता राज्यसभा सदस्य मेधाताई विश्राम कुलकर्णी ने की, जबकि संस्था के अध्यक्ष वरिष्ठ समाजसेवी हिंदुरत्न डॉक्टर रवींद्र भोले एवं मैग्सेसे पुरस्कार विजेता जलगांव की पद्मश्री निर्लमाताई मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सत्र का प्रथम पुरस्कार दिल्ली की कुमारी प्रियल प्रधान को ‘नृत्य कला’ और वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र बच्चन को ‘उत्कृष्ट पत्रकारिता’ के लिए प्रदान किया गया, तो तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा हॉल गूंज उठा। प्रियल संबलपुरी (ओडिशा) नृत्य शिल्पी हैं और दिल्ली के जनकपुरी स्थित केंद्रीय विद्यालय में कक्षा तीन की छात्रा है। अब तक उन्हें इस विधा में कई अवार्ड प्राप्त हो चुके हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश की एक सामाजिक संस्था ने चाइल्ड आर्टिस्ट प्रियल को अपना ब्रांड एम्बेसडर भी बनाया है। इससे पहले देश की अखिल भारतीय संस्थाओं के संघ ‘समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया’ ने नोएडा में प्रियल को ‘राष्ट्रीय बाल प्रतिभा’ अवार्ड से नवाजा था। इसी कड़ी में अब पुणे में प्रियल को राज्यसभा सदस्य मेधाताई विश्राम कुलकर्णी एवं वरिष्ठ समाजसेवी हिंदुरत्न डॉ रवींद्र भोले ने अपने हाथों से ‘भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल हिंदू रत्न पुरस्कार’ प्रदान किया है।

पुणे में प्रियल के पुरस्कृत होने के अवसर पर उनकी माता चंद्रमुखी और पिता सत्य नारायण प्रधान उपस्थित रहे। दोनों दिल्ली से आए हुए थे और कार्यक्रम में पूरे समय मौजूद रहे। हर माँ-बाप का सपना होता है कि उनका बच्चा आसमान की ऊंचाईयां छूए और जब वह सपना सच होता है तो आँखों में सिर्फ खुशी के आँसू होते हैं। प्रियल ने नौ साल की उम्र में अपने हुनर का बेहतरीन प्रदर्शन कर इतने सारे अवार्ड और पुरस्कार लेकर माता-पिता का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है। संबलपुरी नृत्य में परांगत प्रियल प्रधान के पिता सत्य नारायण और माता चंद्रमुखी प्रधान ने इस मौके पर कहा कि ये पल उनके लिए बहुत मायने रखते हैं।
सच ही तो है। ऐसे ही पल गर्व के क्षण होते हैं। इन्हीं से बनती है व्यक्तिव की पहचान, जहां सपनों को दिशा मिलती है और मेहनत को मंजिल। पुरस्कार प्राप्त कर प्रियल बहुत खुश दिखी। उसने ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ से बताया कि माता-पिता के आशीर्वाद से उसका आत्मविश्वास और बढ़ा है। बेटी की इस उड़ान को देखकर चंद्रमुखी की खुशी का ठिकाना भी नहीं है। उन्होंने कहा, “सभी मां-बाप की तम्मन्ना होती है कि उनकी बेटी आसमान में पंख फैलाए और हमारी प्रियल ने तो 9 साल की उम्र में ही इतनी सारी सफलता अर्जित कर ली। हमे नि:संदेह अपनी बेटी पर गर्व है।”
महान राष्ट्रभक्त थे सरदार पटेल :
मणिभाई देसाई मानव सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ रवींद्र भोले ने ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ को बताया कि दिल्ली की प्रियल प्रधान के साथ-साथ जिन अन्य लोगों को सम्मानित किया गया है, उनमें पत्रकार, डॉक्टर, वकील, शिक्षक, कलाकार और समाजसेवी आदि शामिल हैं। इन सभी को ‘भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल हिंदू रत्न पुरस्कार’ प्रदान किया गया है। डॉ भोले सरदार पटेल के बताए मार्ग पर सदैव चलते हैं। उन्होंने कहा, “सरदार वल्लभाई पटेल लौहपुरुष थे और एकात्मता के शिल्पकार थे। उनकी कार्यप्रणाली की वजह से अपना देश अखंड भारत के रूप में जाना जाता है। सरदार पटेल महान राष्ट्रभक्त थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन देश को समर्पित कर दिया।”
राज्यसभा सदस्य मेधाताई कुलकर्णी ने की सराहना :
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही राज्यसभा सदस्य मेधाताई विश्राम कुलकर्णी ने कहा कि आज कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक अपना देश जो अखंड है, वह केवल सरदार पटेल की कृपा से है। उनकी 150वीं जयंती के अवसर पर डॉ रवींद्र भोले और उनकी संस्था द्वारा 105 हस्तियों को ‘हिंदू रत्न पुरस्कार’ से सम्मानित करना देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से महापुरुष सरदार पटेल से हम सभी को प्रेरणा मिलती है।


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