राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
पुणे (महाराष्ट्र)। मणिभाई देसाई मानव सेवा ट्रस्ट ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर वडोदरा की श्रीमती रुक्मिणी देवी माहेश्वरी को ‘वल्लभभाई पटेल हिंदू रत्न पुरस्कार’ से नवाजा है। रुक्मिणी देवी गायत्री विकलांग मानव मंडल की संस्थापक हैं और गुजरात में दिव्यांग जनों के लिए अच्छा कार्य कर रही हैं, जिसके लिए उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया गया है।
शुक्रवार, 31 अक्टूबर को साहित्यरत्न लोकशाहीर अण्णाभाऊ साठे सांस्कृतिक हॉल में आयोजित भव्य सम्मान समारोह की अध्यक्षता राज्यसभा सदस्य मेधाताई विश्राम कुलकर्णी ने की, जबकि संस्था के अध्यक्ष वरिष्ठ समाजसेवी हिंदुरत्न डॉक्टर रवींद्र भोले एवं मैग्सेसे पुरस्कार विजेता जलगांव की पद्मश्री निर्लमाताई मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। डॉ भोले के अनुसार, कार्यक्रम में देश की 105 प्रतिभाओं को ‘भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल हिंदू रत्न पुरस्कार’ प्रदान किया गया है। जिसमें श्रीमती रुक्मिणी देवी शामिल हैं। उन्होंने समाजसेवा के क्षेत्र में गुजरात का मान बढ़ाया है। स्वयं दिव्यांग होते हुए भी वह लगातार दिव्यांग जनों के उत्थान के लिए कार्य कर रही हैं और उन्हें सशक्त बना रही हैं।
श्रीमती रुक्मिणी देवी जगदीश चंद्र महेश्वरी ने सम्मान प्रदान करने के लिए डॉक्टर रवींद्र भोले का हृदय से आभार प्रकट किया है। उन्होंने ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ को बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही राज्यसभा सदस्य मेधाताई विश्राम कुलकर्णी और विशिष्ट अतिथि के तौर पर पद्मश्री निर्लमाताई मिश्रा उपस्थित रहीं।
रुक्मिणी देवी ने कहा कि यह सम्मान पाकर उन्हें बेहद खुशी हुई है। वह आगे और अच्छा काम करने की कोशिश करेंगी। डॉ रवींद्र भोले और उनकी संस्था द्वारा 105 हस्तियों को ‘हिंदू रत्न पुरस्कार’ से सम्मानित करना देश के लिए गर्व की बात है। इस तरह के आयोजनों से हम सभी और प्रोत्साहित होते हैं और भारत का श्रेष्ठ देने का प्रयास किया जाता है।


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