बिहार के डा सच्चिदानंद सिन्हा को भारत रत्न देने की मांग

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
पटना। आधुनिक बिहार के निर्माता डा सच्चिदानंद सिन्हा की पुण्यतिथि रविवार को बिहार बार काउंसिल भवन में मनाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चित्रगुप्त परिवार संदेश के संपादक और वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील कुमार सिन्हा ने इस मौके पर कहा कि जातीय कारणों से डा सच्चिदानंद सिन्हा की अब तक उपेक्षा की जाती रही है, जबकि बिहार के निर्माण से लेकर अनेक महत्वपूर्ण स्थलों के लिए जमीन उन्होंने ही दी थी। कायस्थ समाज अब इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगा और चित्रांश युवा अपने पूर्वजों के सम्मान की रक्षा के लिए आगे आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संविधान सभा के पहले अध्यक्ष होने के बावजूद डॉ सच्चिदानंद सिन्हा की कोई प्रतिमा संसद भवन में नहीं है। जिस विधान मंडल के लिए उन्होंने जमीन दी, वहां भी उनकी प्रतिमा नहीं लगाई गई। यह आश्चर्यजनक सच है, जिसके लिए दोषी पूर्व की तमाम सरकारें और कायस्थ समाज के सभी बड़े नेता हैं। इन सभी को आज का युवा वर्ग कभी माफ़ नहीं कर सकता। सुनील कुमार सिन्हा ने भारत रत्न से उन्हें विभूषित करने की मांग की और इसके लिए एक अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया। कहा कि उन्हें यह सम्मान दिलाने तक संघर्ष करने की जरूरत है।
समारोह की अध्यक्षता जीकेसी की प्रदेश अध्यक्ष डा नम्रता आनंद ने की। इस मौके पर भाजपा समर्थक मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा कि डा सच्चिदानंद सिन्हा की जीवनी पाठ्यक्रम से हटाई गई। इसके लिए आरटीआई में सरकार द्वारा गुमराह किया जा रहा है, जो शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि कायस्थ समाज को इसका जोरदार विरोध करना चाहिए। कार्यक्रम में अरुण कुमार, अधिवक्ता रीतेश वर्मा, विश्वजीत कुमार, प्रवीण कुमार, शिवनंदन प्रसाद, वरिष्ठ पत्रकार विजय शंकर, गुरदयाल सिंह, मनीश वर्मा आदि गणमान्य उपस्थित थे।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*