राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। भगवान दूधेश्वर के अनन्य भक्त व गाजियाबाद के भामासाह धर्मपाल गर्ग का बुधवार को निधन हो गया। सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ मठ महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि धर्म और सेवा की मिसाल कायम करने वाले धर्मपाल के निधन से हर कोई दुखी है। उनका निधन आध्यात्मिक व सामाजिक क्षेत्र की ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती।
उल्लेखनीय है कि धर्मपाल गर्ग का पूरा जीवन धर्म व समाज सेवा के लिए समर्पित रहा। दूधेश्वरनाथ मंदिर से वे प्रारंभ से ही जुड़े थे। अस्वस्थता के समय भी उन्होंने भगवान की पूजा-अर्चना व समाज सेवा को निरंतर जारी रखा। उन्होंने वर्ष 2007 से 2014 तक श्री दूधेश्वरनाथ मठ महादेव मंदिर का जीर्णोद्धार कराकर उसकी पूरे विश्व में अलग पहचान बनाने का कार्य किया। मंदिर में संत सनातन कुंभ हो या महाशिवरात्रि पर भक्तों की सेवा, वे हमेशा सबसे आगे रहते थे और भक्तों के लिए भंडारे व प्रसाद की व्यवस्था कराते थे।
धर्मपाल गर्ग सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर की विकास समिति के अध्यक्ष थे। उन्होंने बद्रीनाथ धाम में धर्मशाला का निर्माण कराया है और हरिद्वार में भी एक धर्मशाला बनवाई है। कई तीर्थ स्थलों का जीर्णोद्धार कराया। उनकी आस्था, श्रद्धा व सेवा हमेशा लोगों को प्रेरित करती रहेगी।


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