डॉ भरत सिंह ने बीएड प्रवेश परीक्षा शांतिपूर्वक सम्पन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री को दी बधाई

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया के मुख्य संरक्षक डॉ. भरत सिंह ने उत्तर प्रदेश में संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश में पारदर्शी, नकलविहीन और तकनीक आधारित परीक्षा प्रणाली का मॉडल बनकर उभरा है।
डॉ. भरत सिंह ने कहा कि संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 का सफल आयोजन इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश में अब परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह तकनीक आधारित, पारदर्शी, जवाबदेह और अभ्यर्थी हितैषी बन चुकी है। उन्होंने ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ को बताया कि इस वर्ष पहली बार परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता को और मजबूत बनाने के लिए विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों को जीपीएस आधारित बॉडी बॉर्न कैमरे उपलब्ध कराए गए। इन कैमरों के माध्यम से प्रतिनिधियों की लाइव लोकेशन, परीक्षा केन्द्रों के निरीक्षण तथा गोपनीय सामग्री से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी कंट्रोल रूम से की गई।
उल्लेखनीय है कि रविवार, 31 मई को प्रदेश के 72 जिलों के 1011 परीक्षा केन्द्रों पर शुचितापूर्ण वातावरण में संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा संपन्न हो गई। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झांसी को सौंपी गई थी। परीक्षा में पंजीकृत 4,44,958 अभ्यर्थियों में से लगभग 90 प्रतिशत अभ्यर्थी दोनों पालियों में शामिल हुए। कासगंज और पीलीभीत में सर्वाधिक 95 प्रतिशत तथा गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में 84 प्रतिशत उपस्थिति रही।
परीक्षा की निगरानी के लिए बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झांसी में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) स्थापित किया गया, जहां से प्रदेश के सभी 1011 परीक्षा केन्द्रों की लाइव मॉनिटरिंग की गई। इसके लिए लगभग 22 हजार सीसीटीवी कैमरे और 5651 बायोमैट्रिक मशीनें लगाई गई थीं। परीक्षा के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फेस रिकग्निशन तकनीक, फिंगर प्रिंट आधारित बायोमैट्रिक सत्यापन और रियल टाइम अटेंडेंस सिस्टम का उपयोग किया गया, जिससे केवल वास्तविक अभ्यर्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित हो सके।
डॉ भरत सिंह वरिष्ठ समाजसेवी होने के साथ-साथ प्रिंस इंस्टीट्यूट ऑफ इन्नोवेटिव टेक्नोलॉजी (PIIT) के चेयरमैन भी हैं। उन्होंने प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय, विश्वविद्यालय प्रशासन, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा परीक्षा आयोजन से जुड़े सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को भी सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए उम्मीद जताई है कि प्रदेश सरकार शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के क्षेत्र में नवाचार और पारदर्शिता की इस प्रक्रिया को आगे भी निरंतर जारी रखेगी।

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