राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। मीडिया 360 लिट्रेरी फाउंडेशन की ओर से होटल रेडबरी में आयोजित “कथा संवाद” को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि आशीष कांधवे ने कहा कि ऐसे आयोजन साहित्य की संजीवनी हैं। यहीं से भविष्य के रेणु और प्रेमचंद निकलेंगे। लेकिन हर रचनाकार को यह ध्यान रखना चाहिए कि बड़ा रचनाकार वह होता है जो यह जानता है कि क्या नहीं लिखा जाना चाहिए। लेखन के प्रति मोह या आत्ममुग्धता लेखन और लेखक दोनों को कमजोर करती है।
“कथा संवाद” में शकील अहमद की कहानी “करामाती जिन्नात”, डॉ. पूनम सिंह की कहानी “मत लौटना अगनपाखी”, रवींद्र कांत त्यागी की शीर्षक विहीन कहानी और संस्था के अध्यक्ष शिवराज सिंह के कथानक “यज्ञ” पर गंभीर विमर्श हुआ। कार्यक्रम के अध्यक्ष सूरज प्रकाश रहे। विशिष्ट अतिथि अशोक मैत्रेय ने कहा कि एक छत के नीचे एक साथ इतनी कहानियां सुनना और उन पर चर्चा करना लेखन की सेहत सुधारने के साथ एक बड़े वर्ग को मानसिक पोषण भी प्रदान करता है।
कार्यक्रम का संचालन रिंकल शर्मा ने किया। इस अवसर पर पूर्व कथा संवाद में सुनाई गई डॉ. निधि अग्रवाल की कहानी “होलोकास्ट” को प्रथम “दीप स्मृति कथा सम्मान” स्वरूप 11 सौ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। साथ ही अद्विक प्रकाशन के निदेशक अशोक गुप्ता ने घोषणा की कि कथा संवाद में भविष्य में सुनाई जाने वाली महिला रचनाकार की श्रेष्ठ कृति को भी प्रति माह 11 सौ रुपये प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर अद्विक प्रकाशन की ओर से एक पुस्तक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया।
विमर्श में डॉ. अजय गोयल, सिनीवाली शर्मा, तेजवीर सिंह, डॉ. प्रीति कौशिक, अनिल शर्मा, डॉ. संजय शर्मा, सुशील शर्मा, सुधीर राणा, अक्षयवरनाथ श्रीवास्तव, देवेन्द्र देव, डॉ. मोहम्मद मुस्तरिम, पवन जैन आदि ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में डॉ. जकी तारिक, मधु अरोड़ा, विपिन जैन, डॉ. वीना मित्तल, तूलिका सेठ, प्रतिभा प्रीत, वागीश शर्मा, सोनम यादव, साक्षी देशवाल, पराग कौशिक, नीलांबर मुखर्जी, सरवर हसन सरवर, सुरेंद्र शर्मा, टेकचंद, हेम लता, सौरभ कुमार, तपन, पवन अरोड़ा, सिमरन, तन्नु, अभिषेक कौशिक, कुलदीप, सुभाष यादव, अविनाश, नेहा पाल, शशिकांत भारद्वाज, किशनलाल भारती एवं संजीव अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य मौजूद थे।


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