जितेन्द्र बच्चन / राष्ट्रीय जनमोर्चा
गौतमबुद्ध नगर। वर्ष 2015 में 6 फरवरी से 27 अप्रैल 2017 तक गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी (डीएम) पद पर तैनात रहे पूर्व डीएम आईएएस (सेवानिवृत्त) डॉ. एन.पी. सिंह ने एक शानदार काम किया है। वह जब गौतमबुद्ध नगर के डीम थे, तब तो लोग उनकी कार्यप्रणाली की तारीफ करते ही थे, अब एक ताजा मिसाल उन्होंने पेश की है जिसके लिए पूरा देश उनकी सराहना कर रहा है। पतंजलि विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) की ओर से उच्च अंकों के साथ ए+ ग्रेड प्रदान किया गया है, जिससे यह भारत में सर्वोच्च रेटिंग वाला योग विश्वविद्यालय बन गया है और इसमें डॉ एनपी सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उल्लेखनीय है कि डॉ. एन.पी. सिंह इन दिनों भारत सरकार के निर्देशन में चल रहे भारतीय शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष हैं, जिसका गठन योग गुरु स्वामी रामदेव के निर्देशन में किया गया है। भारतीय शिक्षा बोर्ड पतंजलि विश्वविद्यालय के नाम से यूनिवर्सिटी भी चलाता है। हाल ही में इस पतंजलि विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) की ओर से उच्च अंकों के साथ ए+ ग्रेड प्रदान किया गया है। इस रैंकिंग के साथ यह भारत में सर्वोच्च रेटिंग वाला योग विश्वविद्यालय बन गया है। नैक का A+ ग्रेड मिलने से पूर्व डीएम डॉ. एन.पी. सिंह की प्रतिष्ठा और बढ़ गई है।
बतौर भारतीय शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. एनपी सिंह ने कहा है, “उच्च शिक्षा में वैश्विक मानकों के अनुसार युवाओं के व्यक्तित्व का विकास करना है, जिससे जिम्मेदार और उत्पादक नागरिक तैयार हों, जिसका लाभ देश और दुनिया को मिले। उन्होंने कहा कि पतंजलि विश्वविद्यालय वैश्विक मानकों के अनुसार आदर्श व्यक्तित्व विकसित करने के लिए एक आदर्श संस्थान है।”
योग गुरु स्वामी रामदेव ने भी पतंजलि विश्वविद्यालय को नैक का A+ ग्रेड मिलने पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए पतंजलि विश्वविद्यालय की स्थापना के प्राथमिक उद्देश्य की याद दिलाई और कहा कि पतंजलि विश्वविद्यालय का प्राथमिक उद्देश्य एक सक्षम युवा शक्ति का विकास करना है जो भारत को एक समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाएगा। पतंजलि विश्वविद्यालय का उद्देश्य प्राचीन वैदिक ज्ञान एवं आधुनिक विज्ञान का एकीकरण एवं समन्वय है। यहां युवा शक्ति की जीवन शैली, विज्ञान एवं आध्यात्म के समन्वय से आप्लावित है, जिससे भारत की समग्र प्राचीन ज्ञान परम्परा एवं संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्धन हो सके।
मंगलवार, 8 अक्टूबर को हरिद्वार में आयोजित एक कार्यक्रम में पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य बालकृष्ण, भारतीय शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. एनपी सिंह, (सेवानिवृत्त आईएएस) और केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेडी भी उपस्थित रहे।


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