राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
वडोदरा। गायत्री विकलांग मानव मंडल द्वारा विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर 108 प्रतिभाओं को सरदार वल्लभभाई पटेल दिव्या रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया है। अवार्डियों में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान आदि राज्यों में समाज के लिए श्रेष्ठ कार्य करने वाले समाजसेवी शामिल रहे।
गायत्री विकलांग मानव मंडल की संस्थापक श्रीमती रुक्मिणी देवी माहेश्वरी ने बताया कि सम्मान समारोह से पहले दिव्यांग जनों ने अपनी मांगों को लेकर एक रैली निकाली। साथ ही गांव से करीब 200 दिव्यांगजनों को कंबल वितरित किया गया।
रुक्मिणी देवी स्वयं दिव्यांग हैं लेकिन उनके हौसले कम नहीं हैं। वह कहती हैं, हम दिव्यांग हैं तो क्या हुआ, हम किसी से कम नहीं हैं। गांव हो या शहर, हम लोग हर जगह समाज के लिए काम कर रहे हैं। हम दिव्यांगजनों का हौसला बुलंद करने के लिए, उनका मनोबल बढ़ाने के लिए हर वर्ष ऐसी प्रतिभाओं को अवार्ड देकर सम्मानित करते हैं।

रुक्मिणी देवी सरकार से अपील करती हैं कि दिव्यांगों को रोजी-रोटी दो। इन्हें भिखारी मत समझो। उन्हें भीख मांगने के लिए मजबूर मत करो। दिव्यांग हर काम कर सकते हैं। इनकी आर्थिक सहयता कर के सरकार इनकी हिम्मत और हौसला बढ़ा सकती है। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना पर भी लगातार काम कर रही है। बेटी घर की शान है।
7 दिसम्बर को आयोजित सम्मान समारोह की मुख्य अतिथि महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती मनीषाबेन वकील रहीं। उनके साथ सांसद डॉ हेमांग जोशी भी मौजूद रहे। विशिष्ट अतिथि के तौर पर विधायक बालकृष्ण शुक्ला, धर्मेंद्र सिंह बापू, केयूरभाई रोकड़िया, मेयर श्रीमती पिंकीबेन, कलक्टर अनिल कुमार धमोलिया, पुलिस कमिश्नर नरसिम्हा कोमर, नगर आयुक्त अरुण महेश, आईपीएस श्रीमती लीना पाटिल, गायत्री परिवार के गरीश पटेल, समाज सुरक्षा अधिकारी महेश पटेल और अतिथि के तौर पर रामगोपाल मूदड़ा, गिरीश भाई माहेश्वरी, बाबूभाई सी पटेल, मितेशभाई पटेल, रमेशभाई भूतड़ा, पूर्व सांसद रंजनबेन भट्ट, विजयभाई शाह, ललितभाई शाह, डॉ राजेश कोरांट, डॉ विजय शाह, राजेश आयरे, दीपकभाई माहेश्वरी, मनीषभाई लुक्का और गांधीनगर के अनिलभाई शाह उपस्थित रहे।


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