जितेन्द्र बच्चन। राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
गाजियाबाद। महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस ने समाज के साथ मिलकर महिला वालंटियर फोर्स (MVF) और ‘मिशन शक्ति’ जैसी मजबूत सहभागिता की पहल शुरू की है। फोर्स में जिले के सभी 24 थानों से कुल 591 जागरूक महिलाओं को जोड़ा गया है, जिनमें डॉक्टर, वकील, शिक्षिकाएं, समाज सेवी, काउंसलर, उद्यमी और गृहिणियों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
रविवार, 20 सितंबर को नंदग्राम स्थित क्राइट यूनिवर्सिटी मं् आयोजित एमवीएफ सम्मेलन का दीप प्रज्ज्वलित कर पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड ने शुभरंभ करते हुए बताया कि डिजिटल वालंटियर्स फोर्स की तर्ज पर एमवीएफ का गठन किया गया है। ये महिला वालंटियर पुलिस और समाज के बीच सेतु का काम करती हैं। जो महिलाएं सीधे थाने नहीं आ पातीं, उनकी समस्याएं पुलिस तक पहुँचाने में ये मदद करती हैं।

पुलिस के अनुसार, एमवीएफ का महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं, साइबर सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर काउंसिलिंग व सामाजिक सहयोग की जानकारी देना मुख्य दायित्व है। सम्मेलन में पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। महिला सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए मिशन शक्ति केंद्रों को 11 नए वाहन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे लगातार गश्त और सुरक्षा सुनिश्चित करती की जा सके। इससे जहां पुलिस कम्युनिटी पार्टनरशिप को मजबूती मिलेगी, वहीं महिलाओं की सुरक्षा के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।
पुलिस की इस कायवाद को सलाम! योगी सरकार को भी इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद! हर महिला वाकई सीधा थाने नहीं पहुंच पाती। उसके लिए अपनी आवाज उठाना भी आसान नहीं होता। पारिवारिक दबाव व सामाजिक संकोच में कई बार उसकी पीड़ी घर की चहारदीवारी में घुट कर रह जाती है। उम्मीद है कि अब ऐसी महिलाओं की आवाज पुलिस तक पहुंचाने में एमवीएफ अपने पूर्ण दायित्य को निर्वाह करेगी। साथ ही महिला अधिकार, साइबर सुरक्षा और सरकारी सहायता योजनाओं को लेकर महिलाओं को जागरूक भी करेगी।


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