– भारत भूषण
होली हर्षोल्लास का त्योहार है। हर साल की तरह इस साल फिर होली की उमंगे हिलोरे ले रही हैं। रंग बरसे, रंग रसिया और रंगोत्सव। हम चाहते हैं कि कोरोना महामारी के चलते दो साल बाद इस साल आपके जीवन की यह बेहतरीन होली साबित हो। हम सभी ने पिछले दो साल जिस तरह से कुदरत का खौफनाक रूप देखा और उसका सामना किया, यह होली उस दुख-दर्द और आर्थिक-सामाजिक व परिवारिक क्षति को पूर्ण करने में मदद करेगी। इस होली को आप खूब धूमधाम से मनाइए। सुख-शांति और सुकून का अहसास करिए।
हमारे पूवर्जों ने होली जैसे महान पर्व की शुरुआत की, इसके लिए उनके प्रति हमें आभार भी जताना चाहिए। होली ही ऐसा पर्व है, जिसकी बदौलत इस देश के बच्चे चंचल और नटखट होते हैं। क्योंकि जिंदगी का असली मकसद खुशी ही होता है और यह खुशी होली पर दोगुनी हो जाती है। होली की सबसे अच्छी बात जो हमें लगती है यह है कि यह त्योहार हम सभी को एकता में पिरोती है। छोटे-बड़े और बुजुर्ग, सभी रंग-गुलाल की मस्ती में सराबोर हो जाते हैं। न कोई जाति न कोई धर्म, एकदम दोस्ताना माहौल।
हमारा कहना मनिए, आप भी अपने बच्चों को होली खेलने के लिए जरूर कहिए। यह ऐसी संस्कृति है, जिसका असर सारी जिंदगी रहता है। उनको अपने बचपन की होली से रूबरू कराइए। मस्ती, आनंद और स्नेह की यह थाती उन बच्चों को सौप दीजिए, जो निरंतर पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती रहेगी। बच्चे ही क्यों, हम तो कहते हैं होली में आप भी बच्चे बन जाइए। घर की चारदीवारी से बाहर निकलिए। किसी अपने पर रंग डालिए। उसके साथ खूब होली खीलिए। गुलाल लगाइए। कुदरत के अनमोल उपहार पुष्प वर्षा करिए। जो हुआ, उसे भूल जाइए। होली का आनंद लीजिए। यही इंसानियत है और यही मानवता है।
एक नई सुबह आपका इंतजार कर रही है। होली की सुबह। रंगों की बौछार। खुशियों का उपहार। भाईचारे का सौगात। भाभी की ठिठोली, बड़ों का आशीर्वाद। बदल डालिए जीवन। इस होली का पूरा आनंद उठाइए जैसे बचपन में उठाते थे। आप देखेंगे कि आपका पूरा परिवार खुशियों से खिलखिला रहा है। क्योंकि आपका परिवार भी एक-दूसरे को हंसाते-मुस्कुराते और बचपन की शरारतें करते देखना चाहता है। आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएं!
(लेखक बीसर एकेडमी गाजियाबाद के निदेशक हैं।)


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