आवास विकास परिषद ने नहीं मानी मांगें तो किसान कर सकते हैं बड़ा आंदोलन

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन का मामला अभी सुलझा भी नहीं है, उससे पहले सिद्धार्थ विहार गाजियाबाद योजना के अंतर्गत आवास विकास परिषद उत्तर प्रदेश में आने वाले कई गांव के किसान एकजुट होने शुरू हो गए हैं। सोमवार को सेक्टर 7 सिद्धार्थ विहार में किसानों ने एक बैठक कर आवास विकास के खिलाफ नारे लगाते हुए कहा कि अगर सहानुभूतिपूर्वक हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो किसान एक विशाल आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
किसान एवं व्यापारी नेता वसीम अली ने ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ को बताया कि वर्ष 2007 में आवास विकास परिषद के द्वारा मिर्जापुर, कैला, माधोपुरा और मिठ्ठेपुर की भूमि परिषद ने किसानों के साथ मौखिक एवं लिखित रूप से कई समझौते के आधार पर अधिग्रहण की थी। लेकिन आवास विकास अपने वादे पर खरा नहीं उतर रहा है। उस समझौते के तहत परिषद ने दुकान के लिए प्लॉट भी देने की बात की थी पर कई साल बाद भी किसानों को दुकान के प्लॉट अभी तक नहीं दिए गए हैं। यह गलत है। आवास विकास को किसानों की सभी जायज़ मांगों को तुरंत मान लेनी चाहिए। इस मौके पर हाजी लियाकत अली, चौधरी अब्बास अली, एडवोकेट चरण सिंह सैन, महबूब अली, अशोक शर्मा, अबरार अली उर्फ़ अब्बू, छोटेलाल, अनिल शर्मा, चौधरी नौशाद, परवेज अली, शौकीन एडवोकेट, हाजी फज़ले इलाही, रिजवान एडवोकेट, आशु एडवोकेट, संदीप पाल, सुभाष पाल, तौफीक, जाकिर अली, चौधरी सिराज, हांजी इरशाद, फरियाद, सौरभ पाल आदि किसान मौजूद रहे।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*