जितेन्द्र बच्चन
नई दिल्ली। सिंघु बॉर्डर से पकड़े गए युवक ने अब तक जितने भी बयान दिए हैं, एक से बढ़कर एक चौंकाने वाले हैं। पहले उसने कहा कि वह 26 जनवरी को किसान रैली के दौरान हिंसा फैलाने वाला था। किसान आंदोलन के चार नेताओं की हत्या करने का इरादा था। राई थाना (हरियाणा) प्रभारी प्रदीप कुमार ने उसे ट्रेनिंग दी थी। अब उस युवक का कहना है कि उसने जो कुछ कहा है, वह किसानों ने मार-पीटकर उससे जबरन प्रेस और पुलिस के समाने ऐसा बयान देने को कहा था। ऐसे में सवाल उठता है कौन रच रहा है साजिश? क्या किसान आंदोलन खत्म करने के लिए कोई गहरी चाल चली जा रही है या फिर किसाने नेताओं के बीच कुछ वाकई आपराधिक तत्व घुस गए है। वे इस तरह की कोई वारदात करवाकर सरकार पर बड़ा दबाव बनाना चाहते हैं? आखिर क्या है सच?
शुक्रवार, 22 जनवरी की देर रात किसानों ने जिस युवक को पकड़ा है, वह सोनीपत के न्यू जीवन नगर का रहने वाला बताया गया है। युवक से अपराध जांच शाखा की टीम ने लगातार पूछताछ की। अब उसी आरोपी युवक का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उसका कहना है कि किसानों के दबाव में उसने पत्रकारों से बातचीत की थी। इस बीच आरोपित की माता ने बताया है कि उनका बेटा 19 तारीख से सिंघु बॉर्डर पर नहीं है। उस रोज वह अपने मामा के घर से लौटा था। वह 20 तारीख को फैक्टरी जाने के लिए घर से निकला था। उसके बाद पुलिस उनके बेटे को पकड़ने खुद उनके घर देर रात आई थी और उसके लड़के व उनके पति को पकड़ कर ले गई थी।
सोनीपत के डीएसपी हंसराज सिंह ने इस मामले में बताया कि किसानों ने जिस शूटर को पकड़ा है, उससे दिल्ली पुलिस की टीम पूछताछ कर रही है। पकड़े गए युवक का दावा है कि वह बड़ी वारदात को अंजाम देने वाला था। पकड़े गए शूटर ने मीडिया के सामने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि आरोपित बयान भी बदल रहा है। दूसरे बात उसने जिस दारोगा का नाम लिया था, वह थाना राई में नहीं है। जांच में सामने आया है कि राई में थाना प्रभारी प्रदीप नहीं बल्कि विवेक मलिक हैं। इससे उसके बयान पर संदेह हो गया। युवक को सीआईए के हवाले किया गया है और सीआईए की टीम पूछताछ कर रही है। अब हकीकत क्या है, पूरी तफ्तीश के बाद ही पता चलेगा।
लेकिन इतना तो सच है कि किसान आंदोलन को लेकर अब तरह-तरह के भ्रम फैलाए जा रहे हैं। सरकार भी सख्त रुख अख्तियार कर रही है। आंदोलनकारी किसान नेता लाख इस बात को कहें कि उनके आंदोलन को कोई और नहीं चला रहा है पर कुछ न कुछ तो गड़बड़ लग रहा है। दूसरी तरफ संदिग्ध युवक के पकड़े जाने के मसले पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि ‘प्रशासन और सरकार ही इस तरह की हरकत करवातें हैं।’ लेकिन किसानों के 26 जनवरी की परेड को लेकर दिल्ली पुलिस और अन्य सीमाओं की पुलिस सतर्क है। गाजियाबाद जिला प्रशासन भी गम्भीर है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है। साथ ही इस संबंध में एडीजी, आईजी और एसएसपी ने किसानों से शनिवार को भी बातचीत की है, लेकिन किसान अपनी बात पर अडिंग हैं।


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