जयंती पर श्रद्धा से याद किए गए महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री

राष्ट्रीय जनमोर्चा। संवाददाता
जलालपुर। प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालयों में प्रार्थना सभा, प्रभात फेरी, भाषण, क्विज, वाद-विवाद तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं ने दोनों महापुरुषों के जीवन, विचारों और देश के प्रति उनके योगदान को याद किया।
उत्क्रमित मध्य विद्यालय मंगोलापुर मठिया में जयंती समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद क्विज प्रतियोगिता और वाद-विवाद प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इस मौके पर छात्रों को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक अखिलेश्वर पांडेय ने कहा कि महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह के सिद्धांत आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक हैं। उनके विचारों को अपने जीवन में अपनाकर समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री सादगी, ईमानदारी और दृढ़ नेतृत्व के प्रतीक थे। उनका दिया नारा ‘जय जवान, जय किसान’ देश के सैनिकों और किसानों के महत्व को रेखांकित करता है।
प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय खोरौडीह, उत्क्रमित मध्य विद्यालय संवरी मठ,उत्क्रमित मध्य विद्यालय जलालपुर, उत्क्रमित मध्य विद्यालय चतरा, मध्य विद्यालय सम्हौता, उत्क्रमित मध्य विद्यालय भटवलिया, उत्क्रमित मध्य विद्यालय देवरिया, कन्या मध्य विद्यालय जलालपुर,बुनियादी विद्यालय रामपुर नूरनगर, म विद्यालय अशोकनगर सहित अन्य विद्यालयों में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। कई विद्यालयों में छात्र-छात्राओं ने प्रभात फेरी निकालकर लोगों को महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान शिक्षकों ने दोनों महापुरुषों के जीवन और देश के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डाला। बच्चों को सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, अनुशासन, देशप्रेम और कर्तव्यनिष्ठा का संकल्प भी दिलाया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशांत कुमार पांडेय, मणीन्द्र कुमार पांडेय, विनय पुरी, राजेश कुमार, उमेश कुमार सिंह, बसंत कुमार प्रसाद, दिलीप कुमार सिंह, परशुराम सिंह, प्रभुनाथ पंडित बसंत प्रसाद,उमाशंकर साह, मनोज तिवारी, जितेंद्र मिश्र, संजय पांडेय सहित विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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