डॉ. विद्या भूषण श्रीवास्तव
-छपरा (बिहार) में आयोजित हो रहे कार्यक्रम को सफल बनाने की तैयारी में जुटे कायस्थ परिवार
-विभिन्न चित्रांश संगठनों ने 3 दिसंबर के आयोजन को ऐतिहासिक बनाने पर दिया बल
छपरा कार्यालय। सामाजिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक संस्था ‘कायस्थ परिवार’ के संयोजकत्व में प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती सह चित्रांश सम्मान समारोह का 3 दिसंबर को भव्य आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम पार्टी क्लब, गोपेश्वर नगर, छपरा में खुले मंच एवं भव्य सभागार में होगा, जिसे इतिहासिक बनाने के लिए सारण सर्व समिति चित्रांश एकता परिषद से जुड़े सदस्यों ने दिन-रात एक कर दिया है। कार्यक्रम में देश की कई नामी-गिरामी हस्तियां भाग ले रही हैं।
कायस्थ परिवार के मुख्य संयोजक अभिजीत श्रीवास्तव, अध्यक्ष राजेश कुमार सिन्हा उर्फ मिंटू एवं कार्यक्रम अध्यक्ष कमल किशोर सहाय ने ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ को बताया कि इस कार्यक्रम में श्री चित्रगुप्त पीठ मथुरा के पीठाधीश्वर श्री सच्चिदानंद जी महाराज, समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया एवं अखिल भारतीय कायस्थ कौसिंल नई दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार जितेंद्र बच्चन, मिशन 2 करोड़ चित्रांश इंटरनेशनल के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र कर्ण, बिहार भाजपा एनआरआई के प्रमुख नेता एवं संयोजक मनीष सिन्हा, उत्तर प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री अरुण सक्सेना, इफको के मुख्य संयोजक अजीत सिन्हा, समाजसेवी सीतेश रमन सहित कई प्रांतीय, राष्ट्रीय नेता एवं प्रशासनिक पदाधिकारी तथा समाजसेवी, साहित्यकार, प्रबुद्ध नागरिक भाग लेंगे।
कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने का प्रयास
कायस्थ परिवार के महासचिव अजय सहाय के अनुसार, श्री चित्रगुप्त सेवा समिति, कायस्थ सेना, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, मिशन 2 करोड़ चित्रांश इंटरनेशनल एवं श्री चित्रांश समिति कार्यक्रम के सह संयोजक हैं। इन सभी संस्थाओं के पदाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार राजन, मुकुंद मोहन राजू, डॉ ओम प्रकाश श्रीवास्तव, पंकज वर्मा, अविनाश कुमार, रूपेश नंदन, भूपेश नंदन, अधिवक्ता प्रकाश रंजन निक्कू, दुर्गेश प्रकाश बिहारी, शुभम कुमार, सुबोध श्रीवास्तव एवं सदस्य भी सक्रिय रूप से सहयोग कर बुधवार, 3 दिसंबर के कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप देने में लगे हुए हैं।
कायस्थ परिवार के प्रवक्ता आनंद विवेक ने बताया कि छपरा में श्री चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर महाराज जी एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों वरिष्ठ पत्रकार जितेंद्र बच्चन, मनीष सिन्हा की उपस्थिति ही इस बात की परिचायक बनेगी कि यह कार्यक्रम एक अनूठा ही नहीं बल्कि अपने आप में ऐतिहासिक होगा।
प्रतीक चिन्ह, प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र से करेंगे सम्मानित
कायस्थ परिवार के सक्रिय सदस्य एवं पदाधिकारी अजित कुमार ने बताया कि इस समारोह में सभी अतिथियों को प्रतीक चिन्ह, प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर कुछेक नामचीन लोगों सहित सभी संरक्षकगणें को भी सम्मानित किया जाएगा। जबकि कायस्थ परिवार के महिला कोषांग की प्रमुख नेत्री सुनीता विवेक ने संपर्क अभियान चलाते हुए जानकारी दी है कि कार्यक्रम में शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र से जुड़ी अधिकाधिक संख्या में चित्रांश महिलाएं शिरकत करेंगी।
कायस्थ परिवार के युवा प्रकोष्ठ के संयोजक सौरभ श्रीवास्तव के मुताबिक, कार्यक्रम में युवाओं की अच्छी खासी भागीदारी रहेगी। उन्होंने कहा कि कोषाध्यक्ष राजेश वर्मा, व्यावसायिक प्रकोष्ठ के संयोजक धनंजय श्रीवास्तव, अभिजीत सिन्हा, सागर श्रीवास्तव, अमिलेश सिन्हा भी इस कार्यक्रम को सफल बनाने में लगे हैं।
चित्रांश समाज की दिख रही एकजुटता
राजनीतिक एवं सामाजिक दृष्टिकोण से सजग रहने वाला उत्तर बिहार के प्रमुख जिला सारण में विगत कई वर्षों से चित्रांश समाज की एकजुटता, बेहतरी एवं सामाजिक योगदान के लिए विभिन्न स्तरों पर सामाजिक एवं रचनात्मक कार्य किए जा रहे है। यह एक ऐसा कार्यक्रम है जो सभी चित्रांश संगठनों को जोड़कर एक नया अध्याय शुरू किया है, जिसकी सराहना की जा रही है। श्री चित्रगुप्त समिति के संरक्षक गुंजेश्वर वर्मा, प्रमोद रंजन सिन्हा, श्री चित्रांश समिति के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ एमके शरण, रवि शंकर श्रीवास्तव, श्री चित्रगुप्त सेवा समिति एवं कायस्थ सेना के संरक्षक डॉ केपी श्रीवास्तव ने कहा कि कायस्थ परिवार की यह पहल स्वागत योग्य है और इसी तरह सभी को मिलाकर कार्यक्रम को धरातल पर उतारना चाहिए ताकि समाज चित्रांश परिवार एकजुटता के साथ दिखे। वैसे, चित्रांश युवा वर्ग इसमें काफी आगे आ रहे हैं।
कायस्थ परिवार के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के अभिषेक अरुण ने बताया कि इस कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पर एक डाक्यूमेंट्री फिल्म की प्रस्तुति होगी। बहरहाल, कार्यक्रम को लेकर चित्रांश संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कायस्थ परिवार के संयोजकत्व में दिन रात एक कर इसे ऐतिहासिक स्वरूप देने में लग गए हैं।


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