मनोज अग्रवाल
गाजियाबाद। कला-साहित्य का क्षेत्र हो नाट्य निर्देशन का, महिलाएं पुरुषों से कहीं कम नहीं हैं। नीरा बक्शी भी उन्हीं लोकप्रिय हुनरमंद महिलाओं में से एक हैं। पिछले दिनों वह रामलीला का निर्देशन करने गाजियाबाद आई थीं तो हमारी उनसे मुलाकात हुई। कई विषय पर खुलकर बातचीत हुई। वाकई उनके कार्यों की तारीफ करनी होगी।
नीरा बक्शी का कहना है कि वैसे तो आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं लेकिन अक्सर देखा गया है कि रामलीला के निर्देशन में आज भी पुरुष निर्देशक ही ज्यादातर सामने आते हैं। गाजियाबाद शहर की सबसे पुरानी श्री सुल्लामल रामलीला कमेटी की रामलीला का निर्देशन जब उन्होंने अपने हाथ में लिया तो वह पहली महिला निर्देशक थीं। उनके कार्य को लेकर कुछ लोगों को आशंका थी, लेकिन रामलीला के सफल मंचन को देखकर दर्शक वाह-वाह कर उठे। खूब तालियां बजी तो नीरा बक्शी के निर्देशन को भी सराहा गया। प्रदेश के राज्य मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने निर्देशक नीरा बख्शी को रामलीला के मंचन पर पुष्प और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
नीरा बक्शी राज्य मंत्री का दिल से आभार प्रकट करती हैं। वह बताती हैं, इससे पहले भी उन्होंने गाजियाबाद की सबसे पुरानी श्री सुल्लामल रामलीला कमेटी की रामलीला का 2019 में निर्देशन किया था। उस वक्त भी उनकी तारीफ हुई थी और अमर उजाला ने उन्हें सर्वश्रेष्ठ लीला निर्देशक के सम्मान से नवाजा था।


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