हरि नंदन सिन्हा / राष्ट्रीय जनमोर्चा
नयी दिल्ली। नेपाल महोत्सव दिल्ली 2025 के तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन हो गया। यह एक ऐसा मधुर अवसर रहा, जहाँ नेपाल की सांस्कृतिक विरासत, व्यापारिक संभावनाएं और पर्यटन की रमणीयता… भारत की राजधानी दिल्ली में सजीव हो उठीं। तीन दिवसीय महोत्सव 11, 12 और 13 अप्रैल को नेपाली दूतावास, नई दिल्ली के प्रांगण में एभरेष्ट चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा बड़े ही उत्साह और सौहार्द के साथ मनाया गया। इस विशेष आयोजन ने भारत-नेपाल के प्रगाढ़ संबंधों की गर्माहट को एक नई ऊँचाई दी। महोत्सव के दौरान, दर्शकों ने न सिर्फ नेपाल की सांस्कृतिक विविधता का आनंद लिया, बल्कि नेपाल की आर्थिक, औद्योगिक और पर्यटन संबंधी संभावनाओं से भी परिचित होने का अवसर पाया।
यह आयोजन business leaders, निवेशकों, उद्यमियों और सांस्कृतिक प्रेमियों के लिए एक सजीव मंच बनकर उभरा, जहाँ व्यापारिक साझेदारियों, पर्यटन के नए रास्तों और आपसी सहयोग की संभावनाओं पर संवाद हुआ। महोत्सव में कई विशिष्ट अतिथि, राजनयिक और सांस्कृतिक क्षेत्र के प्रतिष्ठित जन भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति से आयोजन की शोभा बढ़ा रहे थे।
दिल्ली और एनसीआर की कई प्रतिष्ठित संस्थाएं जैसे हम्रो स्वाभिमान ट्रस्ट (पतंजलि), मित्र मंच मानव कल्याण (भारत) और भारत-नेपाल एकता समाज, इस आयोजन की सफलता में सहयोगी बनकर सामने आईं। नेपाल पर्यटन बोर्ड ने काठमांडू, पोखरा, चितवन और लुम्बिनी जैसे दर्शनीय स्थलों को सुंदर रूप में प्रस्तुत कर भारतीय दर्शकों को हिमालयी देश की सैर का सजीव निमंत्रण दिया। इसके अलावा महोत्सव को और भी खास बनाया विचारोत्तेजक कार्यशालाओं और संवाद सूत्रों ने, जहाँ सीमापार व्यापार की संभावनाओं पर सार्थक चर्चा हुई। साथ ही, पारंपरिक नेपाली व्यंजनों से सजा फूड कोर्ट एक जीवंत आकर्षण बना, जिसने दिल्लीवासियों को नेपाल के असली स्वादों से रूबरू कराया।
नेपाल महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह भारत-नेपाल मैत्री के संबंधों को सहेजने, साझा भविष्य की नींव रखने और आपसी सहयोग को मजबूत करने की एक सुंदर पहल थी।

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